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20 दिन पहले फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर दर्ज हुई थी एफआईआर, पुलिस आज तक मामले की नहीं कर पाई अनुसंधान

रांची : शहर में साइबर अपराधी घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं वहीं पुलिस साइबर आपराधिक मामले की अनुसंधान को लेकर गंभीर नही दिखते हैं। साइबर अपराधी केंद्र सरकार द्वारा विकसित सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल में सेंधमारी कर फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बना लिये लेकिन पुलिस इस मामले में किसी भी साइबर अपराधी को गिरफ्तार नहीं की है। साइबर अपराधियों ने कुल 29 फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बना लिए थे।

साइबर अपराधियों ने सदर हॉस्पिटल के उपाधीक्षक सह जन्म-मृत्यु के उप निबंधक सव्यसाची मंडल की आईडीऔर पासवर्ड हैक कर 22 जन्म प्रमाण पत्र और 7 मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए हैं। मंडल ने ऑनलाइन जारी किए गए प्रमाण पत्र की संख्या के आधार पर गड़बड़ी पकड़ी।

इस मामले को लेकर डॉक्टर मंडल ने लाेअर बाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। साथ ही जिला सांख्यिकी पदाधिकारी काे बनाए गए फर्जी प्रमाण पत्राें की सूची सौंपते हुए आगे की कार्रवाई करने का आग्रह किया था।

सदर हॉस्पिटल के उपाधीक्षक सव्यसाची मंडल के अनुसार, जब उन्होंने अपना यूजर आईडी लॉग-इन किया तो जारी किए गए जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों के सीरियल नंबर में अंतर पाया। जांच में डॉक्टर मंडल ने पाया कि जितने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र उन्होंने जारी किए हैं, उससे अधिक सीरियल नंबर दिख रहे हैं। उन्होंने इसकी सूचना जिला सांख्यिकी पदाधिकारी (डीएसओ) को देते हुए अपना यूजर आईडी और पासवर्ड हैक करने की बात कही थी।

इस मामले को लेकर लोअर बाजार थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि फिलहाल इस मामले की अनुसंधान की जा रही है। थाना प्रभारी ने कहा कि कई लोगों से पूछताछ की गई है लेकिन इस मामले में किसी की अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं साइबर डीएसपी यशोधरा ने कहा कि इस मामले को तेजी से अनुसंधान किया जाएगा और जल्द ही अपराधियों को पुलिस गिरफ्तार कर लेगी।

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