रांची : मुख्यमंत्री का राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के साथ सड़क दुर्धटना को लेकर बैठक हुई। राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क दुर्धटना में अधिकांश मौत अत्यधिक रक्तस्राव है। पुलिस थाना में मेडिकल किट के साथ धायल को उठाने के लिए स्ट्रेचर और ऑक्सीजन सिलेंडर होना आवश्यक है। उक्त व्यवस्था यथाशीघ्र शुरू करने का सुनिश्चित करें। साथ ही थाना प्रभारी को फर्स्ट ऐड के लिए प्रशिक्षण दिया जाए। जिससे समय रहते हुए धायल व्यक्तियों का उपचार शुरू हो सकें।
धायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचने वाले व्यक्तियों को तत्काल प्रोत्साहन राशि निर्गत किया जाए। उक्त प्रोत्साहन राशि निर्गत करने की प्रकिया लंबी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों पर चलने वाली वाहन अपनी गति एवं स्पीडगन को ध्यान में रखे। जिससे सड़क दुर्धटना में आवश्यक कमी आएगी। रांची में ट्रैफिक पार्क के निर्माण की दिशा में कार्य यथाशीघ्र करे। ट्रैफिक पार्क में लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के साथ प्रशिक्षण भी करेंगे। साथ ही हाईवे के विभिन्न स्थानों पर स्थानीय भाषा का उपयोग करें। जिससे राहगीरों को समझने में परेशानी नहीं हो सकें।
राज्य के लोग वाहन चलाते समय हाई बीम लाइट का उपयोग किया जाए। जहां आवश्यक हो, वहां हाई बीम लाइट का उपयोग किया जाए। शहरी क्षेत्रों में सड़क के बीच पोल डिवाइडर में लगे होल्डिंग हटा दे। पोल डिवाइडर में लगे होल्डिंग भी सड़क हादसा कि वजह बन रहें है।
मौके पर परिवहन मंत्री चंपई सोरेन, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, पुलिस महानिदेशक नीरज सिंह आदि उपस्थित थे।




