रांची : पुलिस को पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप को दैनिक सामान उपलब्ध कराने वाले 8 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही पुलिस ने भारी मात्रा में दैनिक सामान बरामद की है। गिरफ्तार व्यक्ति का नाम निवेश कुमार, शुभम पोद्दार, ध्रुव कुमार सिंह, अमीर चन्द, आर्या कुमार सिंह, उज्जवल कुमार, प्रवीण कुमार, सुभाष पोद्दार है।
पुलिस ने इनके पास से पीएलएफआई का पर्चा 70 पीस, नक्सलियों के लिए जंगल में लगाए जाने वाले पोर्टेबल टेंट 15 पीस, नक्सलियों के लिए जंगल में उपयोग में लाए जाने वाले स्लीपिंग बैग 7 पीस, एक स्कूटी, एक जाइलो कार, छह आधार कार्ड एक बीएमडब्ल्यू कार, एक थार जीप (Modified) Reg. No.- PB-32-5-1767, कुल सत्तर लाख तीन हजार दो सौ दस रुपये, एक 7.05 बोर का खुला हुआ पिस्टल, 9 एम एम का 13 कारतुस, 7.65 एम एम का 18 कारतुस तथा 380 एम एम का 1 कारतस, कुल 32 कारतुस, मोबाईल फोन – कुल 31 पीस, पेन ड्राइव- 1 पीस, सीम कार्ड- जियो का 8 पीस, एयरटेल का 1 पीस, वोडाफोन का 1 पीस, बीएसएनएल का 1 पीस, कुल सीम कार्ड 11 पीस, स्मार्ट बाँच-1 पीस, हेडफोन-1 पीस, चाँदी जैसा सीकडी (चैन)- 1 पीस, ड्राईविंग लाईसेन्स- 02 पीस, पेन कार्ड- 2 पीस, एक कार-MG Hector Reg. No.- WB-02-AP-2754, एक एक्सयुवी 500 पंजियन सं0- DL-12-CA-2394 बरामद की है।
झारखंड के डीजीपी नीरज सिन्हा ने नक्सलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया था।झारखण्ड राज्य में उग्रवादी संगठनो एवं संगठित अपराधिक गिरोहों के विरूद्ध ठोस कार्यवाई करने एवं इन संगठनों एवं अपराधिक गिरोहों को सहयोग एवं विस्फोटक सामाग्री जैसे हथियार, गोला बारूद, जंगल में रहने योग्य वस्तुओं, मोबाईल फोन, सीम कार्ड, पैसा इत्यादि की सहायता करने वाले सहयागियो के विरुद्ध ठोस कार्यवाई करने का आदेश दिया।
इस संबंध में इन संगठनों के विरूद्ध राँची पुलिस द्वारा पूर्व में भी कई बार कार्यवाई किया गया है। इसी कम में रॉची एसएसपी सुरेंद्र झा को गुप्त सूचना मिली कि निवेश कुमार, शुभम पोद्दार, ध्रुव सिंह एवं अमीर चन्द नामक व्यक्ति के द्वारा PLFI सुप्रिमो दिनेश गोप को हथियार, गोली, सीम कार्ड एवं अन्य जरूरत के सामान सप्लाई किया जाता है एवं इसमें लेवी से वसूले गये पैसे का उपयोग PLFI संगठन के चलाने के लिए किया जाता है। इस सूचना के आधार पर रांची एसएसपी सुरेंद्र जाने सीटीएसपी सौरव को टीम गठित कर जांच करने का आदेश दिया था। सिटी एसपी सौरभ के निर्देशन में एक SIT टीम का गठन किया गया। SIT टीम के द्वारा 6 जनवरी को धुर्वा डैम के पास छापामारी की गई जहाँ से आर्या कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया। जिनके पास से PLFI को सप्लाई किये जा रहे जियो कम्पनी का 5 सीम कार्ड बरामद किया गया। घटनास्थल से तीन लोग 1, निवेश कुमार 2, शुभम पोद्दार एवं 3. ध्रुव सिंह भागने में सफल रहे।
आर्या कुमार सिंह के बयान के आधार पर खुंटी में जियो कम्पनी में काम करने वाले उज्जवल कुमार को गिरफ्तार किया गया एवं अमीर चन्द के बयान के आधार पर निवेश के भाडे के मकान जो कि ग्राम-होटवासी थाना नगडी जिला रॉची से नगद तीन लाख पच्चास हजार रूपये, PLFI का 70 पीस पर्चा एवं नक्सलियों के लिए जंगल में उपयोग में लाया जाने वाला पोर्टेबल टेन्ट-15 पीस एवं स्लीपिंग बैग सात पीस एव अन्य सामानो को बरामद किया गया। इस कांड के फरार निवेश कुमार, शुभम पोद्दार और ध्रुव सिंह जिस गाडी से भागे थे उन गाडियो को जगन्नाथपुर थाना के पटेल नगर तथा खुंटी के कर्रा रोड से बरामद किया
गया जिसमें BMW Car Registration No- UP-16AT-9898 तथा थार जीप (Modified) Reg. No.- PB-32-5-1767 है।
एसआईटी की टीम ने निवेश कुमार के भाई प्रवीण कुमार के घर पर छापामारी के क्रम में 61 लाख 31 हजार 500 रुपए, एक 7.65 बोर का खुला हुआ पिस्टल, 9 एम एम का 13 कारतुस, 7.65 एमएम का 18 कारतुस तथा 380 एमएम का 1 कारतुस कुल, 32 कारतुस बरामद किया गया। इस कांड के फरार अभियुक्त निवेश कुमार, शुभम पोद्दार और ध्रुव सिंह की गिरफ्तारी के लिए सभी सम्भावित जिलो के सभी थाना प्रभारी एवं एयरपोर्ट ऑथरिटी से सम्पर्क स्थापित कर अलर्ट कराया गया। निवेश कुमार के दिल्ली में छुपे होने की सूचना पर इनलोगो की गिरफ्तारी के लिए साइबर सेल डीएसपी यशोधरा के नेतृत्व में एक टीम दिल्ली भेजी गयी। इसी क्रम मे गुप्त सूत्रो से सूचना मिली कि वे
लोग दिल्ली छोडकर उत्तर प्रदेश के रास्ते बक्सर बिहार होते हुए कहीं अन्यत्र भागने की फिराक में हैं। तत्पश्चात सुनिल कुमार तिवारी,थाना प्रभारी नामकुम थाना नेतृत्व में एक टीम बक्सर बिहार के लिए भेजी गई एवं औद्योगिक थाना बक्सर के
सहयोग से फरार अभियुक्त निवेश कुमार, शुभम पोद्दार और ध्रुव सिंह को 10 जनवरी को गिरफ्तार किया गया।इन लोगों के गिरफ्तारी के बाद जो समान जप्त किये गये है उसमें मॉडर्न एवं सुसज्जित इतिहास का फोटो प्राप्त हुआ है। उससे यह प्रबल संभावना है कि इनलोगों का संबंध किसी बड़े उग्रवादी संगठनया सप्लायर से हो। साथ ही विभिन्न उग्रवादी संगठनों को हथियार एवं गोला बारूद की आपूर्ति भी कराई गई हो। इस पूरे मामले में अग्रतर जांच किया जा रहा है।
झारखण्ड पुलिस की इस रेड से पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के अर्थतंत्र (लेवी के पैसे, निवेश, बैंक एकाउंट, लॉकर, अन्य कंपनी) को गहरा झटका लगा है। इस प्रकार झारखण्ड पुलिस का पीएलएफआई के खिलाफ यह एक विशेष सफलता मानी जा सकती है।








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