रांची : राजधानी रांची में अपराधी बेखौफ होकर अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। अपराधी दिनदहाड़े मर्डर अपहरण जैसे वारदात को अंजाम दे रहे हैं लेकिन पुलिस अपराधिक गतिविधियों को रोकने में कामयाब नहीं दिख रही है। हाल के दिनों में अपराधियों ने दिनदहाड़े हत्या और अपहरण की घटनाओं को अंजाम दिया है। अपराधियों ने डोरंडा, कांके और लालपुर थाना क्षेत्र में अपराधियों ने दिन दहाड़े हत्या से लेकर अपहरण जैसे वारदात को अंजाम दिया है।
झारखंड पुलिस की आंकड़ों आंकड़ों के अनुसार पिछले छह महीने में अपराधियों ने रांची जिले में 114 हत्या की घटनाओं को अंजाम दिया है। वहीं अपहरण की 122 वारदात को अंजाम दिया है। अपराधियों ने इस साल मार्च महीने में 25 हत्या की घटना को अंजाम दिया है तो वहीं इस साल के जनवरी में 25 अपहरण की वारदात को अंजाम दिया है। हालांकि रांची पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने की बात तो करती है लेकिन अपराधी मर्डर और अपहरण जैसे वारदात को खुलेआम अंजाम दे रहे हैं। अपराधियों ने पिछले साल 2020 में कुल 167 हत्या की घटनाओं को अंजाम दिया था तो वहीं 208 अपहरण की वारदात को अंजाम दिया था।
दुष्कर्म की घटनाएं हर महीने 15 – 20 मामले आ रहे सामने
रांची पुलिस महिलाओं की सुरक्षा का दावे तो करती है लेकिन झारखंड पुलिस के आंकड़ो ने राँची पुलिस पर कई सवाल खड़े कर रहे हैं। झारखंड पुलिस के आंकड़े के अनुसार रांची में सबसे अधिक दुष्कर्म के मामले सामने आए हैं। हर महीने 15 – 20 ज्यादा घटनाएं हुईं। 2020 से अब तक (जुलाई 2021 तक) रांची में 347 महिलाएं दुष्कर्म का शिकार हुई हैं।वहीं, 2020 में राज्य की 1796 महिलाएं और जुलाई 2021 तक 929 महिलाओं के साथ दुष्कर्म हुआ। यानी 19 महीनों में कुल 2725 महिलाएं दुष्कर्म का शिकार हुई।





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