सिल्ली:- सिल्ली बिरसा मुंडा तीरंदाजी एकेडमी में आयोजित 15 दिवसीय तीरंदाजी समर कैंप का समापन शुक्रवार को हुआ।
इस अवसर पर एक समारोह का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि एकेडमी के उपाध्यक्ष जयपाल सिंह, जिप उपाध्यक्ष वीणा चौधरी, प्रमुख जितेन्द्र बड़ाइक, उप प्रमुख आरती देवी, डॉ मोना आनंद एवं समाज सेवी श्याम महतो शामिल हुए। सभी अतिथियों का पूष्प गूच्छ देकर स्वागत किया गया।
इस कैम्प में दिल्ली, बोकारो, धनबाद, रांची, खूंटी, हजारीबाग, जमशेदपुर आदि जगहों के कुल 40 बच्चे शामिल हुए। कैंप में बच्चों के बिच 10 मी, 15 मी एवं 30 मी दुरी के तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिसमें सफल तीरंदाजों को अतिथियों द्वारा मेडल देकर सम्मानित किया गया। वहीं कैंप में शामिल सभी बच्चों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कैम्प में आये बच्चों ने नृत्य की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। वहीं बच्चों ने कैम्प के अनुभव को भी साझा किया। समारोह को संबोधित करते हुए जयपाल सिंह ने कहा कि बच्चों के पढ़ाई के व्यस्तता के बीच खेल समेत विभिन्न एक्टिविटी के लिए समय निकालना बहुत आवश्यक है इसीलिए इस समर कैंप का आयोजन किया गया ।
समर कैंप का वातावरण बच्चों को नए कौशल सीखने का अवसर प्राप्त होता है। कैंप के अनुभव का बच्चे के विकास पर स्थायी मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है। धनुर्विद्या हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर है जिस पर प्रत्येक देशवासी को गौरव करना चाहिए। वहीं नन्हे-मुन्ने तीरंदाजों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस उम्र में ही खेलों से जुड़ना और पदक जीतना एक सुखद संकेत है। तीरंदाजी खेल का कोई तोड़ नहीं है और यह प्राचीनतम खेल संस्कृति का हिस्सा रही है। युवा पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा कि युवा अवस्था से ही छात्र छात्रों को इस खेल में पारंगत हासिल करते हुए राज्य और देश का नाम रोशन करना चाहिए। वहीं जिप उपाध्यक्ष वीणा चौधरी एवं प्रमुख जितेन्द्र बड़ाइक ने समर कैंप की सफलता पर सभी बच्चों को बधाई देते हुए प्रशिक्षकों की सराहना की। मुख्य कोच प्रकाश राम ने कहा कि विभिन्न जगह से आए बच्चे कैंप में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में अनुशासन पूर्वक भाग लिया। विशेष प्रशिक्षण के साथ ही खेल की बारीकियों को सिखा।
कार्यक्रम का संचालन कोच मुकेश तुरी ने किया। शिशिर महतो, आर्यन साव, कमलेश महतो, रोहित कुमार, रोहित भारद्वाज, सिंपी कुमारी, कलावती देवी समेत एकेडमी के प्रशिक्षु एवं अभिभावक उपस्थित थे।





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