सिल्ली : शहीद रघुनाथ महतो स्मारक समिति के तत्वावधान में बुधवार को लोटा किता सिल्ल में चुआड़ विद्रोह के महानायक शहीद रघुनाथ महतो के शहादत दिवस का आयोजन किया गया। शहादत दिवस पर अमर शहीद रघुनाथ महतो के जीवन पर आधारित फिल्म दिखाया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व उपमुख्यमंत्री सह स्थानीय विधायक सुदेश कुमार महतो , गोमिया विधायक डॉ लम्बोदर महतो, पुर्व मंत्री उमाकांत रजक, पुर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, डॉ देवशरण भगत, डॉ राजाराम महतो, जिप अध्यक्ष निर्मला भगत, जिप उपाध्यक्ष, पुर्व जिप अध्यक्ष सुकरा सिंह मुंडा, हरेलाल महतो, तिवारी महतो, डॉ शशि भूषण महतो, जिप सदस्य परमेश्वरी शांडिल, जिप सदस्य राजेंद्र शाही मुंडा, जिप सदस्य विजय मानकी, उलगुलान फाउंडेशन के उपाध्यक्ष राम दुर्लभ सिंह मुंडा, गूंज के संयोजक जयपाल सिंह, चितरंजन महतो, उप प्रमुख आरती देवी, विजय महतो, रतनलाल महतो, लोहरा महतो समेत अन्य अतिथियों ने शहीद रघुनाथ महतो समेत अन्य शहीदों के बलिदान स्थल पर उनके स्मृति में गाड़े पत्थर पर तथा लोटा चौक पर शहीद रघुनाथ महतो के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धाजंलि अर्पित की।

आयोजन स्थल पर लोगों को सम्बोधित करते हुए विधायक सुदेश कुमार महतो ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे शुरुआती दौर में लोगों को एकजुट करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा था, ऐसे में ब्रिटिश हुकूमत के काले कानूनों के खिलाफ जनमानस को संगठित कर चुआड़ विद्रोह का शंखनाद करनेवाले प्रथम स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद रघुनाथ महतो को इतिहास के पन्नों में संक्षिप्त परिचय दिया गया। हमें इस परिचय को बड़ा करना होगा। हम शहीद रघुनाथ महतो की संघर्ष गाथा को देश-दुनिया तक पहुचाएंगे। उनके शहादत स्थल पर विश्वस्तरीय स्मारक बनाएंगे। इसकी शुरुआत की जा चुकी है। आज इसी का परिणाम है कि जिन शोधकर्ताओं ने माटी के सपूत को अपने इतिहास के पन्नों में जगह नहीं दिया, वे आज किताबों से लोटा किता तक आ गए हैं। लेकिन इस दिशा में अभी और भी कार्य बाकी है। हमें अपने वीर शहीदों, अपनी माटी के साथ न्याय करना है तो निरंतर प्रत्यनशील रहना होगा, अपने हक-अधिकारों के लिए लड़ना होगा।

अब अमर शहीद रघुनाथ महतो की शौर्य गाथा को देश-दुनिया तक पहुँचाने की बारी है। वीर शहीद रघुनाथ महतो का नाम बहादुरी, राष्ट्रभक्ति एवं बलिदान का पर्याय है।”माटी के सपूत” देश की आजादी में चुआड़ विद्रोह के दौरान अमर शहीद रघुनाथ महतो जी के योगदान को संग्रहित व दस्तावेजीकृत करने का एक संकल्प है। ज्ञात हो को 1769 में सिल्ली, जंगलमहल, कोल्हान, बीरभूम, बडाभूम, पातकोम आदि क्षेत्रों में अंग्रेजों के खिलाफ रघुनाथ महतो के नेतृत्व में चला चुआड़ विद्रोह झारखंड की एक गौरव गाथा है। देश भर में आजादी का यह पहला बिगुल था। दुर्भाग्यवश आजादी के उपरांत ऐसे अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान इतिहास के पन्नों में गुम हो गए। उन्होंने कहा कि शहादत स्थल पर विश्वस्तरीय स्मारक बनाने की तैयारी है। आज पुरे राज्य में आजसू कार्यकर्ताओं द्वारा रघुनाथ महतो को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। अब पूरे देश में झारखंड के इस वीर सपूत की शौर्य गाथा को पहुँचाना है।

डॉ लम्बोदर महतो ने कहा पार्टी हमेशा शहीदों को सम्मान देने की काम की है। वहीं उन्होंने कहा कि रघुनाथ महतो स्मारक समिति द्वारा शोधकर्ताओं के सहयोग से लघु फिल्म बनाकर लोगों में ऊर्जा डालने का काम किया है। इससे अब आने वाले युवा पीढ़ी प्रेरित होंगे। डॉ राजा राम महतो ने कहा कि अपने लोगों के हितों के लिए हमें लड़ते रहना होगा। झारखण्डियों को आगे ले जाना ही हमारी पहली और आखिरी कोशिश होनी चाहिए। डॉ देवशरण भगत ने कहा कि झारखण्ड राज्य मिलना ही पर्याप्त नहीं। झारखण्ड को शीर्ष प्रदेशों की सूची में शामिल करने के विज़न के साथ हमें आगे बढ़ना होगा। साथ ही उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि लोगों को एकजुट करना होगा।सशक्त, शिक्षित एवं संगठित समाज बनाने की जिम्मेदारी हम सभी पर है। सभा को संबोधित करते हुए उमाकांत रजक, रामचंद्र सहिस, हरेलालमहतो आदि ने शहीद रघुनाथ महतो के संघर्ष गाथा एवं बलीदान की विस्तृत चर्चा की।

इस दौरान फिल्म के निर्माता एवं निर्देशक विष्णु गिरी, तारकेश्वर प्रसाद, शहीदों के परिजनों, कवि, लेखक, इतिहासकार एवं अतिथियों को शाॅल व स्मृति चिन्ह देकर कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का अध्यक्षता श्रीकांत महतो एवं संचालन सुनील सिंह ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्यामसुंदर महतो, योगेश्वर महतो, गया राम महतो, भोजोहोरी महतो, जगदीश चंद्र महतो, शिवशंकर प्रसाद, बुधराम महतो, शिव शंकर महतो, मंटू महतो, तरुण कुमार महतो, कालीचरण महतो, त्रिलोचन महतो, राजेश कुम्हार, शशि रंजन महतो, दिलीप कुमार महतो, रामवृक्ष महतो, घनश्याम महतो, सुरेश कुमार महतो, मंसाराम महतो आदि का सराहनीय योगदान रहा।
शहीद रघुनाथ महतो शहादत दिवस पर हुआ कई कार्यक्रम का आयोजन:
शहीद रघुनाथ महतो के शहादत दिवस के मौके पर विधायक एवं अन्य अतिथियों ने शहीद रघुनाथ महतो तोरण द्वार का उद्घाटन किया गया। शहीद रघुनाथ महतो के सहादत स्थल की सुंदरीकरण का आधारशिला रखा गया। जिसमें दस लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। आयोजन समिति द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 30 लोगों ने रक्तदान किया। जहां डॉ रमनेश प्रसाद के नेतृत्व में सिंहपुर नर्सिंग होम मुरी के टेक्नीशियनों ने रक्त संग्रह किया। कस्तूरबा विद्यालय सिल्ली के छात्राओं द्वारा स्वागत गान की प्रस्तुति दी गई। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें लोकगीत, पातानाच एवं छौऊ नृत्य का प्रदर्शन किया गया।





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