रांची: विश्व हिंदू परिषद की त्रिदिवसीय केंद्रीय प्रन्यासी मंडल की बैठक इंदौर, मध्य प्रदेश के अग्रसेन महासभा 30 दिसंबर 2022 को एक बैठक का वैदिक मंत्रों एवं दीप प्रज्वलन के साथ उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में पुरे देश से आए प्रतिनिधियों का स्वागत बाजे-गाजे एवम पुष्प वर्षा कर अंग वस्त्र प्रदान कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी महामंडलेश्वर शांति स्वरूपा नंद ने कहा कि सनातन परंपरा के तीर्थ स्थल हमारी संस्कृति का हृदय है। इस पावन भूमि को पर्यटन स्थल के रूप में हिंदू समुदाय को स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा वर्तमान आधुनिक समाज एकांकी की ओर जा रहा है यह ठीक नही। उन्होंने कहा सामूहिकता ही भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र है।
कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा 7 एवं 9 साल के गुरु पुत्रों ने हमारी भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए ही बलिदान दिए। उन्होंने कहा इन स्वाभिमानी पुत्रों के बलिदान ने हमें मुस्लिम आक्रांताओं की क्रूरता को चरम सीमा को पार करते हुए दिखाया अपितु बलिदान के कारण हिंदुत्व एवं भारतीय संस्कृति की महत्ता आज हमें स्मरण दिलाता है। उन्होंने कहा हमारा मठ-मंदिर अपनी संस्कृति एवं सामाजिक व्यवस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा लव जिहाद, धर्मांतरण, जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने तथा वक्फ बोर्ड को निरस्त करने जैसे मुद्दों पर भारत सरकार को कड़ाई के साथ अवगत कराया जाएगा।
दूसरे सत्र में भैया जी जोशी ने कहा बुद्धिमता व ज्ञान के साथ मानव सर्वत्र जन्म लेता है। पूर्व जन्म के साधना से ही व्यक्ति का अवतरण होता है, परंतु आचरण पर दोष एवं समाज के स्तर पर कमजोरियां के कारण सामाजिक बंधन की कड़ी कमजोर होती है। समाज की विषमता के कारण ही समाज दुर्बल होता है। निरंतर हमें सामाजिक समरसता के कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा विश्व हिंदू परिषद अच्छा काम करें इसके लिए नहीं है बल्कि आवश्यक कार्य करने के लिए है। हमें जनप्रिय नहीं अपितु जनता के लिए कार्य करना है। उन्होंने कहा प्रत्येक कार्यकर्ता को सुनना, समझना, स्वीकार करना फिर आचरण में लाना उसका कर्तव्य है।
उद्घाटन सत्र में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष पद्मश्री डॉ रविंद्र नारायण सिंह, केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे, श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव व विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय, सम्मनित नागरिक टीकन गर्ग व विनोद अग्रवाल, श्री राम जन्मभूमि के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल, केंद्रीय उपाध्यक्ष अशोक चौगुले, केंद्रीय उपाध्यक्ष हुकुमचंद सावला, केंद्रीय उपाध्यक्ष डॉ विजयलक्ष्मी, केंद्रीय उपाध्यक्ष जिवेशवर मिश्र, उपाध्यक्ष गंग राजू, संरक्षक मंडल के सदस्य दिनेश चंद्र, दुर्गा वाहिनी केंद्रीय संयोजिका प्रज्ञा महाला, केंद्रीय संगठन मंत्री विनायकराव देशपांडे, केंद्रीय मातृशक्ति प्रमुख मीनाक्षी ताई , केंद्रीय सह प्रमुख सरोज सोनी, केंद्रीय उपाध्यक्ष मीना ताई, डॉ संगीता गोखले, राष्ट्रीय बजरंग दल संयोजक नीरज डोनेरिया, केंद्रीय सहसंयोजक सूर्या, पटना क्षेत्र मंत्री बीरेंद्र विमल, क्षेत्र संयोजक जन्मेजय, क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद कुमार, चेन्नई क्षेत्र संगठन मंत्री आकारपु केशव राजू, झारखंड प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू, झारखंड प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह सहित बांग्लादेश, नेपाल, अमेरिका के साथ-साथ देश के सभी प्रांतों से लगभग 350 प्रतिनिधि उपस्थित थे।





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