राँची : पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के सुप्रीमो दिनेश गोप ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि गिरफ्तार तीनों लोगों से हमारा कोई वास्ता नहीं है। प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि धुर्वा के निवेश पोद्दार से उसका दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। गिरफ्तार निवेश पोद्दार एक बड़ा ठग है। बेवजह जानबूझकर मिडियाबाजी कर निवेश का संबंध पीएलएफआई सुप्रीमो से जोड़ कर भय का माहौल बना रही है। दिनेश गोप की ओर से जारी प्रेस की विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि निवेश पोद्दार एक ठग है और उसने किसी कारोबारी से इतनी बड़ी रकम (72 लाख) ठगी की होगी। पुलिस उसे जानबूझकर हीरो बनाने का काम कर रही है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि गिरफ्तार बांग्लादेशी युवती से भी उसका कोई संबंध नहीं है।
आपको बता दें कि पुलिस की दर्ज प्राथमिकी में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि तीनों निवेश कुमार, शुभम पोद्दार और ध्रुव सिंह पीएलएफआई के सक्रिय सदस्य है। संगठन को मजबूत करने के लिए वे पीएलएफआई को हथियार के साथ सिम व अन्य जरूरत के सामान उपलब्ध कराते थे। छह जनवरी को पुलिस ने निवेश के तीन साथियों आर्या कुमार सिंह, अमीर चंद उर्फ चाचा और उज्जवल कुमार को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आर्या व अमीर चंद के पास पुलिस ने पांच सिम व नगद 3.50 लाख रुपए पहले बरामद किए। फिर अमीर चंद की निशानदेही पर पुलिस ने निवेश के नगड़ी स्थित भाड़े के मकान से पीएलएफआई के 70 पर्चे, 7 स्लीपिंग बैग, 15 पोर्टेबल टेंट जब्त किए। गिरफ्तार उज्जवल कुमार खूंटी में एक मोबाइल कंपनी में काम करता था व सिम उपलब्ध कराता था। इनके साथ पैसे के लालच में आकर वह इन्हें फर्जी पहचान पत्र पर सिम उपलब्ध कराया करता था। जिसका इस्तेमाल लेवी वसूलने में किया जाता था।





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