रांची : पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप पर पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है। रांची पुलिस ने पहले ही कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। आज रांची पुलिस ने निवेश के चार और सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दी है। गिरफ्तार आरोपी का नाम निवेश पोद्दार, ध्रुव कुमार, शुभम पोद्दार और अंजली उर्फ कनिस फातिमा है। रांची पुलिस की गिरफ्त में एक बांग्लादेशी महिला अंजली ने कई राज खोली है। निवेश की गर्लफ्रेंड बांग्लादेशी महिला अंजलि पुलिस को कई ऐसे तथ्य बताए हैं जिसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के कहने पर ही रंगदारी के पैसे से दिल्ली में एक थ्री स्टार होटल की खरीदारी की थी। उस होटल को बांग्लादेशी महिला अंजली चलाती थी। होटल से होने वाले इनकम का पूरा हिसाब सुप्रीमो दिनेश गोप के पास होता है। इस होटल का इस्तेमाल संगठन के उग्रवादियों को रुकने के लिए भी किया जाता है। पुलिस को इस बात की जानकारी मिली है कि पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप पैसे को वाइट मनी बनाने के लिए विभिन्न कंपनियों में बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट कर रखा है। ऐसे में पुलिस अब इस बात की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है कि पीएलएफआई सुप्रीमो के इस काम में कौन-कौन लोग सहयोग कर रहा है और वह किन-किन कंपनियों में कितना पैसा इन्वेस्ट किया है। पुलिस को दिल्ली स्थित उस होटल का पता भी मिल गया है जहां जाकर गिरोह के सदस्य शरण लेते है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
जिस्मफरोशी के धंधे छोड़कर निवेश की बनी थी गर्लफ्रेंड
रांची पुलिस की गिरफ्त में बांग्लादेशी महिला ने बताया कि जिस्मफरोशी के धंधे को छोड़कर पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के सहयोगी निवेश की गर्लफ्रेंड बनी थी। निवेश लड़कियों का शौकीन था और अक्सर पब आना-जाना करता था। इसी बीच बांग्लादेशी महिला अंजलि की मुलाकात निवेश से हुई। हालांकि शुरुआती दौर में अंजली निवेश के कारोबार को नहीं जानती थी। लेकिन नजदीक आने के बाद निवेश ने दिल्ली वाली थ्री स्टार होटल चलाने की जिम्मा अंजलि को दे दिया। जिसके बाद अंजलि निवेश के साथ रहने लगी। अंजलि निवेश की हर ख्वाहिशों को पूरा करने जुटी हुई थी।
पुलिस से बचने के लिए निवेश करता था महिला का इस्तेमाल
पुलिस जांच में इस बात की जानकारी मिली है कि निवेश लेवी के रूप में मिलने वाले पैसे से अक्सर दिल्ली स्थित होटल में रेड लाइट एरिया से बदल बदल कर लड़कियों को लाता था और अपने साथ घूमाता था। निवेश ने पुलिस से बचने के लिए भी लड़कियों का सहारा लेता था और एक राज्य से दूसरे राज्य में आने-जाने के दौरान चेकिंग में पुलिस कहीं ना रुके इसके लिए अपने साथ एक युवती को जरूर रखता था। दिल्ली से बक्सर भागने के दौरान भी निवेश ने पुलिस से बचने के लिए ही अंजलि उर्फ लिली को अपने साथ कार में लिया था ताकि रास्ते में चेकिंग के दौरान कहीं उसे पुलिस ना रोके।
मिनी गन फैक्ट्री में काम करने वाले कारीगरों की मिली है तस्वीर
पुलिस ने बरामद माेबाईल की जांच की ताे उसमें अत्याधुनिक हथियार की तस्वीर देखकर पुलिस के हाेश उड़ गए। माेबाइल में एके-47, एके-56, जेजर गन, बम, राॅकेट लाॅचर और विभिन्न प्रकार के गाेली के अलावा संचालित मिनी गन फैक्ट्री में काम करता कारीगर की तस्वीर मिली। निवेश ने बताया कि संगठन के पास सभी अत्याधुनिक हथियार माैजूद है। हालांकि पुलिस का मानना है कि माेबाइल में मिले हथियार की खरिदारी करने के लिए रखी गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
बांग्लादेशी महिला नाम बदलकर रह रही थी दिल्ली में
पुलिस को जानकारी मिली है कि अंजली का असली नाम कनीस फातिमा है लेकिन वह नाम बदलकर दिल्ली में रह रही थी। अंजलि उर्फ लिली उर्फ कनिस फातिमा बांग्लादेश के खुलना नामक जगह की रहने वाली है। पिछले 7 सालों से कनीज फातिमा दिल्ली में अंजली नाम से रह रही थी। पुलिस की पूछताछ में फातिमा ने यह बताया है कि बांग्लादेश से दिल्ली आने के बाद उसने अपना नाम अंजली रख लिया था। पुलिस यह जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है कि अंजलि भारत में कैसे आई है। फिलहाल उसके पास से पासपोर्ट बरामद नहीं किया गया है।





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