रांची : साइबर अपराधियों ने बढ़ते हुए टेक्नोलोजी के साथ ठगी करने का नया तरीका ढूंढ लिया है। राजधानी रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र निवासी डॉ प्रभात कुमार के खाते से साइबर अपराधी ने पाँच लाख रुपये उड़ा लिए हैं।
डॉ प्रभात कुमार ने बताया कि शुक्रवार को पर्स कहीं गुम हो गया था उस पास में एसबीआई बैंक का एटीएम कार्ड था। एटीएम कार्ड गुम हो जाने की वजह से एटीएम कार्ड को बंद कराने के लिए गूगल से कस्टमर केअर हेल्पलाइन नंबर डायल करने के बाद बताया गया कि एनी हेल्प डेस्क एप्लीकेशन का प्रयोग करें।
डॉक्टर प्रभात कुमार ने आनन-फानन में एटीएम कार्ड को ब्लॉक करने के लिए प्ले स्टोर से हेल्प एनीडेस्क एप्प का इंस्टॉल किया और अपना एटीएम कार्ड को ब्लॉक करने की कोशिश करने लगें।कस्टमर केयर ने बताया कि ओटीपी आपके मोबाइल पर जाएगा और वह किसी से शेयर ना करें।
डॉ प्रभात कुमार ने बताया कि हेल्प एनी डेस्क एप्लीकेशन यूज करने के बाद हमारे मोबाइल पर ओटीपी नहीं आया लेकिन हमारे खाते से पहली बार तीन लाख की निकासी हुई उसके बाद दो लाख की निकासी हुई। फिर उस नंबर पर लगाने से कस्टमर केयर ने रिस्पांस नहीं किया।
इस मामले को लेकर साइबर थाना में एफ आई आर दर्ज कराई गई है। साइबर विशेषज्ञ बताते हैं कि एनी हेल्पडेस्क एक ऐसा एप्लीकेशन है यदि आप यूज करते हैं तो आपका मोबाइल का कंट्रोल आपके पास नहीं रहता है। उस मोबाइल पर ओटीपी या मैसेज की कंट्रोल साइबर अपराधियों के पास चला जाता है। इसीलिए आप कोई भी एप्लीकेशन किसी फर्जी कस्टमर केयर को बताने पर ना करें। पुलिस एफआईआर दर्ज कर ली है और पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गई है।





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