साहिबगंज : झारखंड के साहिबगंज की महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की मौत प्रकरण की जांच में जुटी सीबीआई की टीम ने आज पोस्टमार्टम करनेवाले डॉक्टरों की टीम से पूछताछ की है . इसके लिए रूपा का पोस्टमार्टम करने वाले मेडिकल बोर्ड में शामिल चिकित्सकों को नोटिस भेजा गया था और आज पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर से आज सीबीआई की टीम ने पूछताछ की है
सीबीआई इन डॉक्टरों से पोस्टमार्टम के बारे में और भी विस्तृत जानकारी ली है . हालाकि सीबीआई ने डॉक्टर से क्या क्या सवाल किया है और डॉक्टरों ने क्या जवाब दिया है यह तो खुलासा नहीं हो सका है . लेकिन जानकारी के अनुसार सीबीआई की टीम डॉक्टरों के सवाल से संतुष्ट नहीं थी .
सीबीआई की टीम इस केस में हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है. रूपा केस में सीबीआई की टीम ने डॉक्टर से कई सवाल किए है .सीबीआई की टीम ने पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट पर चर्चा की और रूपा की विसरा रिपोर्ट नही रखने पर भी सवाल किया गया की किस वजह से विसरा रिपोर्ट सुरक्षित नहीं रखा गया . डॉक्टरों की टीम ने कैसे मान लिया कि रूपा ने आत्महत्या की थी . पोस्टमार्टम कर रहे डॉक्टरों से सीबीआई ने कई सवाल किया है .
सीबीआई रूपा तिर्की की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर रांची स्थित रिम्स के चिकित्सकों से चर्चा करेगी. मेडिकल बोर्ड के गठन को हरी झंडी मिलने के बाद सीबीआइ अधिकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर एक-एक बिंदु पर चर्चा करेंगे.सीबीआइ रूपा के सहयोगी पुलिस कर्मियों से लगातार पूछताछ कर रही है. सीबीआइ एक-एक कड़ी जोड़ कर मामले की जांच कर रही है.
रूपा तिर्की मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई एक एक कड़ी को जोड़ते हुए जांच कर रही है . सीबीआई की टीम अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर घटना के संबंध में सबूत जुटाने में जुटी है.
सीबीआई की टीम साहेबगंज में रूपा तिर्की मौत मामले की जांच करने के लिए आवश्यक सुबूत जुटा रही है.सीबीआई की टीम मोबाइल के मैसेज को सुसाइड नोट नही मान रही है जिसे उसने अपने बैचमेट शिव कनौजिया को भेजा था लेकिन सीबीआइ का मानना है कि हत्या की सूरत में उसका मोबाइल लेकर कोई दूसरा व्यक्ति भी इस तरह का मैसेज भेज सकता है। सीबीआई की टीम एक डायरी की तलाश कर रही है जो रूपा तिर्की हमेशा अपने पास रखती थी। रूपा तिर्की के बेड पर शव के बगल में एक डायरी भी दिख रही है। कलम भी खुला हुआ लेकिन जब्त वस्तुओं में उसका कहीं उल्लेख नहीं है। ऐसे में सीबीआइ अब उस डायरी की तलाश कर रही है.सीबीआइ का मानना है कि उस डायरी से मामले की गुत्थी सुलझ सकती है।





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