रांची : लालपुर थाना क्षेत्र स्थित पंद्रह मंजिला एसजी एग्जॉटिका इमारत से गिरकर 30 सितंबर को एक युवती की मौत हो गई थी। इस घटना के चार दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस हत्या और आत्महत्या की गुत्थी को नहीं सुलझा पाई है। मृतका के भाई विनय महतो ने कहा कि हमारी बहन की हत्या कर फेंक दिया गया था लेकिन पुलिस इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। मृतका के भाई विनय महतो ने बताया कि पुलिस जिस सुसाइड नोट को बरामद की है उसकी जांच अब तक क्यों नहीं की गई है।
भाई विनय महतो ने बताया कि पुलिस जिस प्रकार से जांच कर रही है उससे यह साफ प्रतीत होता है कि पुलिस दोषियों को बचाना चाह रही है। सुसाइड नोट के बारे में विनय महतो ने बताया कि इस सुसाइड नोट में डिप्रेशन का जिक्र किया गया है जबकि हकीकत यह है कि हमारी बहन कभी डिप्रेशन का शिकार नहीं हुई और वह पढ़ाई लिखाई में तेजतर्रार थी। लालपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि बरामद सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। हर एक बिंदु पर बारीकी से जांच की जा रही है। आपको बता दें कि यूवती संत ज़ेवियर कॉलेज की छात्रा थी। संत ज़ेवियर कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही थी और वह सेकंड ईयर की छात्रा थी। संत ज़ेवियर कॉलेज से साइंस ओनोर्स की पढ़ाई कर रही थी।
मृतका विनीता महतो अपने कॉलेज के लिए घर से दो बजे निकली थी लेकिन शाम तक नही पहुंच पाई थी। इस मामले को लेकर मृतिका के भाई विनय महतो ने लालपुर थाने में हत्या का मामला दर्ज कराया है। मृतका के भाई विनय महतो ने बताया कि हमारी बहन पढ़ाई लिखाई करने में काफी तेज थी। मृतका विनीता महतो दसवीं कक्षा में 91% अंक हासिल की थी। वहीं इंटर में 88 परसेंट अंक हासिल प्राप्त की थी। मृतका विनीता महतो के भाई ने लालपुर थाना प्रभारी पर आरोप लगाया है कि पुलिस इस मामले में लीपापोती का काम कर रही है। मृतका के भाई विनय महतो ने पुलिस पर आरोप लगया है कि यह घटना 3:30 में हुई है तो पुलिस इस घटना की जानकारी शाम 6:30 में क्यों दी। भाई विनय महतो ने कहा कि हत्या अथवा उसके साथ कुछ गलत कर छत पर से फेंक दिया है। जिससे उसकी मृत्यु हुई है। भाई ने कहा कि पुलिस सुसाइड नोट का हवाला देकर इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। हालांकि हमारी बहन इसी महीने वैष्णो देवी से घूम कर आई थी। वह किसी भी तरह से तनाव की स्थिति में नहीं थी। इसके बावजूद वह सुसाइड कैसे कर सकती है। मृतका बरियातू थाना क्षेत्र के रहने वाली थी।
स्कॉलरशिप फॉर्म भरने के लिए गई थी कॉलेज
विनीता महतो 30 सितंबर को दोपहर दो बजे संत ज़ेवियर कॉलेज के लिए घर से निकली थी। अपनी मां से विनीता ने कही थी कि संत जेवियर कॉलेज में स्कॉलरशिप के लिए फॉर्म भरना है। इसी फॉर्म के लिए वह कॉलेज आई थी। हालांकि स्कॉलरशिप फॉर्म उसके बैग से बरामद की गई थी। स्कॉलरशिप फॉर्म लेने के बाद लालपुर के पंद्रह मंजिला इमारत गई। इसके बाद 3:30 बजे यह घटना घटी। परिवार वालों ने संत जेवियर कॉलेज में उपस्थित गार्ड से जानकारी हासिल की तो गार्ड ने बताया कि सीसीटीवी के माध्यम से पता चल पाएगा कि विनीता कॉलेज से कितने बजे निकली है।
सीडीआर से परिवार वालों को थी मामला सच आने की आश, लेकिन पुलिस अब तक सीडीआर भी नहीं खंगाल सकी
मृतका विनीता महतो के परिवार वालों को सीडीआर से सच सामने की आश थी लेकिन पुलिस अब तक सीडीआर भी खंगाल नहीं सकी है। सीडीआर के माध्यम से पुलिस यह पता लगा लेती कि मृतिका विनीता महतो अंतिम समय किस नंबर से बात की थी और सबसे अधिक किस नंबर से विनीता महतो बात कर रही थी। पुलिस की सुस्त रवैया से परिवार वालों ने पुलिस की कार्यशैली पर संदेह जारी किया और कहा कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। वहीं मृतका के भाई विनय महतो ने संदेह जाहिर किया है कि फर्जी सुसाइड नोट के सहारे पुलिस इस मामले को दबाना चाह रही है। हमारी बहन किसी भी हालात से कमजोर नहीं थी। वह पढ़ाई लिखाई में अब्बल दर्जे की थी। उस पर किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं था। हमारी बहन किसी भी हालात में सुसाइड नहीं कर सकती है। पुलिस कैसे कह सकती है कि बिनीता महतो आत्महत्या कर ली है। यह जांच का विषय है। जब तक जांच पूरी नहीं हो तो आत्महत्या की बात कहना सरासर गलत है।
गेट पर तैनात गार्ड ने छात्रा से नहीं किया था पूछताछ
बहुमंजिला इमारत में तैनात गार्ड छात्रा विनीता महतो से किसी भी तरीके से पूछताछ नहीं की थी। बिल्डिंग में तैनात गार्ड ने बताया कि 3:00 बजे की ड्यूटी अरविंद नामक व्यक्ति की थी। लेकिन अरविंद ने विनीता महतो से अंदर आने की वजह नहीं पूछा था। यहां पर मौजूद गार्ड ने बताया कि अरविंद रावत नामक गार्ड से चूक हुई और वह लड़की अंदर प्रवेश कर गई जिसके बाद यह घटना घटी।





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