साइबर अपराध दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहा हैं। झारखंड में साइबर फ्रॉड की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. सबसे खास बात है कि साइबर फ्रॉड करने के तरीके भी बड़ी तेजी से बदले हैं और अब किसी भी उम्र के लोग या कोई बिना मास्टर डिग्री की पढ़ाई किए अनपढ़ लोग साइबर फ्रॉड कर रहे है .
महज 8वी और दसवी पास युवक लोगो को चुना लगा लाखो के साइबर फ्रॉड की घटना को अंजाम दे पुलिस को सकते में डाले हुए थे, मामले की सूचना सीआईडी को मिलने के बाद मामले में दोनों अपराधियों को धर दबोचा। ये साइबर अपराधी इतने शातिर थे कि मोबाइल हैक कर भी ये लोगो के खाते से पैसा उड़ा लेते थे।
राँची के सदर थाना क्षेत्र में साइबर की वारदात का मामला सीआईडी के हाँथ आया जिसके बाद मामले के अनुसंधान के बाद देवघर से 2 अपराधियों शमशाद नूरानी और कदम रसूल को धर दबोचा गया। अपराधियों के पास से कई मोबाइल और बैको के दस्तावेज भी बरामद हुए। अपराधी olx फ्रॉड, ओटीपी फ्रॉड के साथ मोबाइल हैकिंग के जरिए भी साइबर फ्रॉड की वारदात को अंजाम देते थे। सीआईडी में साइबर एसपी एस कार्तिक ने बताया कि इन अपराधियों ने गूगल पर भी कस्टमर केयर का नंबर दिया था जिस वजह से भी लोग इनके झांसे मे आसानी से आ जाते थे।
आपको बता दें कि साइबर थाना रांची में रांची के सदर थाना क्षेत्र में रहने वाले सुशील उरांव ने प्राथमिकी दर्ज करवाई थी, उनके खाते से साइबर अपराधियों ने एनीडेस्क एप्लीकेशन डाउनलोड करवा कर खाते की डिटेल ली और उनके खाते से दो लाख तीन हजार गायब कर दिए। मामला दर्ज होने के बाद सीआईडी की टीम जब जांच में जुटी तो नहीं आ जानकारी मिली की पैसे की निकासी देवघर से की गई है ,जिसके बाद सीआईडी की टीम ने टेक्निकल मदद से इन्हें गिरफ्तार किया।





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