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संविदा पर बहाल हुए सहायक पुलिसकर्मी अपनी मांगों को लेकर मोहरबादी मैदान में हो रहे जमा

रांची : राज्य में संविदा पर बहाल हुए पुलिस कर्मी अपनी मांगों को लेकर आज से राजभवन और मुख्यमंत्री आवास के पास अनिश्चिकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे। इस धरना प्रदर्शन को लेकर आज सुबह से ही राज्य के अलग अलग जिले से सहायक पुलिस कर्मियों का मोरहाबादी मैदान में जुटने लगे है। सहायक पुलिस कर्मियों के आंदोलन को देखते हुए राँची पुलिस ने कड़ी तैयारी की है।

विधि-व्यवस्था बिगाड़ने और उपद्रव करने वाले सहायक पुलिस कर्मियों पर राँची पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। देर रात से ही पुलिस मोरहाबादी में जुट गए है।बारह नक्सल प्रभावित जिलों में संविदा पर 2,500 सहायक पुलिसककर्मी को बहाल किया गया है। संविदा पर बहाल हुए पुलिसकर्मियों की मांग नहीं माने जाने से नाराज सहायक पुलिस कर्मी पिछले साल 12 सितंबर 2020 से 23 सितंबर 2020 तक मोरहाबादी मैदान में आंदोलन किया था। उस समय पेयजल मंत्री मिथिलेश ठाकुर सहायक पुलिसकर्मी से मिलने आये थे। मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने आश्वासन दिया था कि मांगों पर विचार के लिए जल्द ही पांच सदस्यीय कमेटी गठित होगी।

कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। लेकिन इस दिशा में अबतक कुछ नहीं हुआ है।नामजद लोगों को पुलिस कल कर सकती है गिरफ्ताररांची पुलिस ने पिछले बार आंदोलन कर रहे 31 लोगों पर नामजद मामला दर्ज किया था। रांची पुलीस नामजद लोगों को आज गिरफ्तार कर सकती है। सहायक पुलिसकर्मियों ने बताया कि तत्कालीन रघुवर सरकार के कार्यकाल में 12 नक्सल प्रभावित जिलों के 2,500 युवक-युवतियों को तीन साल की संविदा पर गृह जिला में सेवा देने के लिए रखा गया था।

पिछले साल संविदा अवधि खत्म होने पर नौकरी से निकाले जाने की प्रक्रिया के खिलाफ आंदोलन हुआ था। इसके बाद एक साल के लिए संविदा बढ़ा दी गई थी। इसी बीच 2022 तक संविदा बढ़ा दी गई है। लेकिन अबतक मानदेय में किसी तरह का कोई इजाफा नहीं हुआ है। ऊपर से गृह जिला से हटाकर दूसरे जिलों में सेवा ली जा रही है। महंगाई इतनी बढ़ गई है कि दस हजार रूपये में परिवार को पालना मुश्किल हो रहा है।आपको बता दें कि पिछले साल 12 सितंबर को 2500 सहायक पुलिसकर्मियों ने मोरहाबादी मैदान में डेरा डंडा डाल दिया था। महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर आंदोलन में शामिल हुई थी। 18 सितंबर 2020 को बैरिकेडिंग किए जाने पर सहायक पुलिसकर्मी उग्र हो गए थे। बैरिकेडिंग को तोड़ दिया गया था फिर पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए थे। इस झड़प में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

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