बुधवार को मेयर आशा लकड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा की, रांची नगर निगम के नगर आयुक्त मुकेश कुमार एक हजार ऑक्सीजन सिलेंडर की खरीदारी से संबंधित आर्डर देने में आनाकानी कर रहे हैं। मेयर जल्द ही ऑक्सीजन सिलेंडर की खरीदारी मामले में न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएंगी।
मेयर ने कहा, कि नगर आयुक्त जान बूझकर ऑक्सीजन सिलेंडर की खरीदारी की प्रक्रिया में अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं। अब तक तीन बार पत्राचार कर नगर आयुक्त को ऑक्सीजन सिलेंडर की खरीदारी करने का निर्देश दिया गया, परंतु उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
मेयर आशा लकड़ा ने यह भी कहा की, पलामू उपयुक्त द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरा कर अप्रैल माह में ही ऑक्सीजन सिलेंडर की खरीदारी का आदेश दिया गया। पलामू उपयुक्त द्वारा चयनित एजेंसी से निर्धारित दर पर एक हजार ऑक्सीजन सिलेंडर की खरीदारी करने का निर्देश नगर आयुक्त को दिया गया है। इस ऑक्सीजन सिलेंडर की खरीदारी संबंधी आदेश पत्र की प्रति भी नगर आयुक्त को उपलब्ध करा दिया गया है। झारखंड नगरपालिका अधिनियम में किए गए प्रविधान से संबंधित जानकारी भी नगर आयुक्त को दिया गया है।
मेयर ने कहा, स्थाई समिति की विशेष बैठक में महापौर व उप महापौर अपने नागरिक सुविधा मदद से एक हजार ऑक्सीजन सिलेंडर,दो एंबुलेंस एक शव वाहन एवं दवाई की खरीदारी से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान किया है।
मेयर ने मामले की गंभीरता देखकर कहा की, वर्तमान हालात ऐसे हैं कि सभी पार्षद अपने-अपने वार्ड से संबंधित समस्याओं के निदान के लिए पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन नगर आयुक्त को वार्ड से संबंधित समस्याओं के समाधान को लेकर कोई चिंता नहीं है।
मेयर ने आरोप लगाते हुए कहा की, नगर आयुक्त विपदा की इस घड़ी में ऑक्सीजन सिलेंडर की खरीदारी न कर आम लोगों के बहुमूल्य जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। नगर आयुक्त आम लोगों की आवश्यकता को देखते हुए उचित निर्णय लेने में जानबूझ कर टालमटोल कर रहे हैं। मेयर ने यह स्पष्ट रूप से कह दिया है कि, नगर आयुक्त के इस रवैये को देखते हुए वे जल्द ही ऑक्सीजन सिलेंडर की खरीदारी मामले में न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएंगे।
झारखंड राज्य में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। कोरोना वायरस से अब तक कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं। कई संक्रमित लोगों ने ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण दम तोड़ दिया।




