अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् झारखण्ड प्रदेश के 21वें प्रान्त अधिवेशन का विधिवत उद्घाटन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा, रांची के केशव सभागार में माता सरस्वती एवं युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद जी को पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया|
उन्होंने कहा झारखंड की भूमि में मां लक्ष्मी ने अथाह समृद्धि दी है। कोई भी राज्य ऐसा नहीं है जो झारखंड के संसाधनों का प्रयोग नहीं करता है। सत्ता परिवर्तन से समाज परिवर्तित नहीं हो सकता बल्कि व्यक्ति परिवर्तन से समाज सुदृढ़ हो सकता है। विद्यार्थी परिषद में लगने वाले नारे सिर्फ नारे नहीं है, बल्कि उससे सामाजिक जीवन दर्शन की अनुभूति होती है। जब मैं झारखंड का भ्रमण करता हूं तो सांस्कृतिक दृष्टि से झारखंड घर जैसा लगता है । अभाविप एक विचार प्रवाह और सामाजिक शक्ति की पाठशाला है, जहां राष्ट्रवाद की पढ़ाई को आत्मसात कर कार्यकर्ता समाज में प्रथम श्रेणी में खड़ा रहता है।
पद्मश्री अशोक भगत, विकास भारती ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद समाज परिवर्तन वाला संगठन है। यह देश के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है। आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता देश का नेतृत्व कर रहा है ।यह हमारे लिए गौरव की बात है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बांग्लादेशी घुसपैठियों को एक्सपोज करने का काम किया है। आज जो सकारात्मक परिवर्तन देश में हो रहा है, वह शैक्षणिक कैंपस से ही संभव है और उसका श्रेय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को जाता है। युवा का लक्ष्य राष्ट्र के हित को ध्यान में रखकर तय होना चाहिए । युवा वह है जो चुनौती को स्वीकार करता है।




