रांची : डूमरदगा स्थित बाल सुधार गृह में एक बच्चे ने प्रताड़ना से तंग आकर फिनायल पीने का मामला सामने आया है. घटना मंगलवार की बतायी जा रही है. आनन फानन में बाल कैदी को इलाज के लिए रिम्स भेजा गया है. हालांकि बाल कैदी अब खतरे से बाहर है. बताया जा रहा है कि सुधार गृह में रह रहे सीनियर बाल बंदी रंगदारी वसूलता है. रंगदारी के लिए जूनियर को प्रताड़ित किया जाता है. जो रंगदारी नहीं देता है उसे सिगरेट से जलाया जाता है. प्रताड़ना से तंग आकर ही बाल कैदी ने यह कदम उठाया है.
रंगदारी के पैसा इ पेमेंट के जरिये वसूला जाता है. कई बार रंगदारी के रूप में नशीला पदार्थ भी मंगवाता है. हालांकि झड़प के बाद 16-18 उम्र वाले बंदियों को वहां से हटाने की तैयारी शुरू हो गई है. 62 बाल बंदियों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें प्लेस ऑफ सेफ्टी में रखा जाएगा. 120 बाल कैदियों की क्षमता वाले बाल सुधार केंद्र में वर्तमान में 158 बाल कैदी हैं. कुछ बाल बंदियों को दूसरे जिले के बाल सुधार गृह में शिफ्ट किया गया है.
कई दिनों से चल रहा है विवाद
जानकारी के अनुसार डूमरदगा स्थित बाल सुधार गृह में कई दिन से सिनियर और जूनियर बाल कैदी के बीच विवाद चल रहा है. मामले को लेकर पुलिस डॉक्टर की एक टीम से 18 की उम्र से अधिक दिखने वाले बाल कैदी की जांच कराने में जुटी है ताकि 18 की उम्र से अधिक दिखने वाले को दूसरे जगह सिप्ट किया जा सके. बीते 13 फरवरी को बाल सुधार गृह में सिनियर और जूनियर बाल कैदी भीड़ गये जिसमें 13 बाल कैदी घायल हो गये. सभी को इलाज के लिए रिम्स भेजा गया था. इसके बाबजुद हालात सुधरने का नाम नही ले रहा है.





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