रांची : सरायकेला पुलिस ने एक करोड़ की इनामी नक्सली प्रशांत बोस को कल शाम को हाई सिक्योरिटी के बीच रांची लाई थी। रांची में झारखंड के वरीय पुलिस पदाधिकारी और जांच एजेंसी समेत कई राज्यों की पुलिस नक्सली प्रशांत बोस से पूछताछ कर रही है। झारखंड के वरीय पुलिस पदाधिकारी और जांच एजेंसी कई नक्सली की फोटो दिखाकर नक्सली प्रशांत को से पूछताछ कर रही है।
सूत्रों ने बताया कि इस पूछताछ में नक्सली प्रशांत बोस ने पुलिस को कई अहम जानकारी दी है। प्रशांत बोस से सात दिनों तक झारखंड पुलिस सहित कई सुरक्षा एजेंसियां किशन दा और शीला मरांडी से पूछताछ करेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरान देश में हुए कई बड़े नक्सल कांडों का खुलासा होगा। झारखंड पुलिस, एनआईए, आईबी के साथ-साथ बिहार, बंगाल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश पुलिस भी प्रशांत बोस से पूछताछ कर रही है।सूत्रों की माने तो पुलिस को जानकारी मिली है कि सारंडा में हाल के दिनों में कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक प्रशांत बोस करने वाला था। इस बैठक में राज्य के लगभग सभी बड़े माओवादियों को शामिल होना था।
सारंडा में बैठक कर संगठन की आगे की रणनीति तय करने के लिए यह बैठक होनी थी। इस बैठक में शामिल होने के लिए पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा ने अपने दो बॉडीगार्ड प्रशांत बोस के पास पारसनाथ भेजे थे। ये दोनों बॉडीगार्ड भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। इस कोआर्डिनेशन कमेटी की मीटिंग के सभी एजेंडों पर भी प्रशांत बोस और शिला मरांडी से पूछताछ होगी।पेन ड्राइव और मोबाइल खोलेंगे कई राजप्रशांत बोस समेत छह माओवादियों की गिरफ्तारी के बाद छानबीन में पुलिस को चार मोबाइल फोन, दो एसडी कार्ड, एक पेन ड्राइव मिला था और जो जानकारी मिल रही है इन सभी उपकरणों में पूरे संगठन का खाका के साथ साथ पूरा ब्लू प्रिंट मौजूद है।
संगठन में कौन किस पद पर है, कितने लोग काम कर रहे हैं और कहां काम कर रहे हैं उनके मददगार कौन हैं। यह सभी जानकारियां इन उपकरणों में है। पुलिस इन सभी उपकरणों को डिस्प्ले कर माओवादी दंपत्ति के सामने रखेंगे और उसी के आधार पर उनसे पूछताछ होगी।प्रशांत बोस और उसकी पत्नी शीला मरांडी के स्वास्थ्य की जांच भी लगातार की जा रही है। पूछताछ के लिए कई सेशन बनाए गए हैं, एक सेशन में दोनों को अलग-अलग रखकर पूछताछ की जा रही है, जबकि दूसरे सेशन में दोनों को एक साथ रहकर एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं।
जानकारी भी मिली है कि वैसे आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी जो किशन के साथ काम कर चुके हैं उन्हें भी पूछताछ के दौरान बुलाया जा सकता है। माओवादी दंपति से पूछताछ में झारखंड में हुए बड़े राजनीतिक हत्याओं पर से पर्दा उठ सकता है। नक्सलियों के द्वारा झारखंड में जेएमएम सांसद सुनील महतो, विधायक रमेश सिंह मुंडा की हत्या की गई थी। दोनों हत्याओं के रहस्य से पूछताछ के दौरान पर्दा उठ सकता है।





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