रांची : सुखदेव नगर थाने की पुलिस अक्सर सुर्खियों में बनी हुई है। सुखदेव नगर थाने की पुलिस अपनी करतूतों की वजह से अक्सर मीडिया की हेडलाइंस बन चुकी है। कभी सुखदेव नगर थाना प्रभारी ममता कुमारी पर मारपीट का आरोप लगी है तो कभी सुखदेव नगर थाने की पुलिस पर मारपीट का आरोप लग रहा है। कुछ दिन पहले सुखदेव नगर थाना प्रभारी ममता कुमारी पर बाप और चार साल के बच्चे पर मारपीट का आरोप लगा था। जिसके बाद सुखदेव नगर थाना प्रभारी के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज की गई थी। फिलहाल एक मामला ठंडा नहीं हुआ कि दूसरा मामला सामने आ चुका है। सुखदेव नगर थाने की पुलिस घर खाली कराने गई जिसके बाद पुलिस और घर मे रह रहे लोगों के बीच झड़प हुई। जिसमें एक महिला की सर फूट गई। घायल महिला का इलाज सदर अस्पताल में किया गया लेकिन सुखदेव नगर थाना प्रभारी पर कई सवाल उठ रहे है।
आपको बता दें कि किशोरगंज इलाके के राजा हाता में एसडीओ कोर्ट के आदेश पर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में एक टीम दखल दिहानी करवाने पहुंची थी। एक किराये के मकान को लेकर सुनील चंद्र घोष और बेनी राम वर्मा के बीच विवाद चल रहा था। मामला एसडीओ कोर्ट पहुंचा। दोनों पक्षों द्वारा पेश कागजात देखने के बाद कोर्ट ने सुनील चंद्र बोस के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट के फैसले के अनुरूप दखल दिहानी करवाने पहुंचे थे। जानकारी के अनुसार बेनी राम वर्मा पिछले करीब 80 साल से सुनील चंद्र बोस के किराये की मकान में रह रहे हैं। आरोप है कि किराया देना तो बंद कर ही दिया मकान भी नहीं खाली कर रहे हैं।
सुखदेवनगर थाना प्रभारी ममता कुमारी ने पुलिस द्वारा किसी प्रकार भी प्रकार के बल प्रयोग से इंकार किया है। कहा कि इसमें पुलिस की कोई भूमिका नहीं है। एसडीओ कोर्ट के निर्णय के आलोक में मजिस्ट्रेट की अगुवाई में कार्रवाई हुई।





Add comment