
रांची: श्री राम राज्य दिग्विजय यात्रा 5 अक्तूबर 2022 विजयादशमी के दिन अयोध्या से चलकर आज अपने रांची चुटिया के महादेव मंडा टांड़ में पहुंच गई है। रथ का भव्य स्वागत नामकोम रोड स्थित लेक रिसर्च के पास, सुरेश्वर महादेव के पास तथा महादेव मंडा टांड़ के पास हुआ।

सैकड़ों की संख्या में मोटरसाइकिलों एवं कारों में लोग रथ के आगे आगे हाथ पर भगवा झंडा लेकर जय श्री राम, भारत माता की जय, वन्दे मातरम, अयोध्या तो झांकी है काशी मथुरा बाकी है आदि के नारे लगा रहे थे। जिसमें काफी संख्या में महिलाएं भी उपस्थित थी। रथ का स्वागत पूजन के बाद रथ के नेतृत्वकर्ता महर्षि शक्ति शांदानंद जी महाराज जी का प्रवचन हुआ अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम जी त्रेता युग में जब 14 वर्ष का वनवास काटकर तथा लंका विजय होकर लौटे तो उन्होंने दिग्विजय रथयात्रा निकाली थी।

उसके बाद उन्होंने अश्वमेध यज्ञ किया था। उस समय के रथ घोड़े के थे कलियुग में इस समय आपके पास जो रथ आया है वह यंत्र चालित गाड़ी है। यह दिग्विजय रथ की पूर्णाहुति हो जाने के बाद विश्व कल्याणार्थ अश्वमेध यज्ञ भी होगी और भारत पुनः विश्व गुरु होगा। अंत में भगवान श्रीराम जी की आरती हुई, आरती में सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे जिसमें काफी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही। प्रसाद वितरण के साथ सभा संपन्न हो गई।

मौके पर विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत मंत्री डॉ. बीरेंद्र साहू, प्रांत सहमंत्री रंगनाथ महतो, सामाजिक समरसता प्रमुख मिथिलेश्वर मिश्रा, महानगर अध्यक्ष कैलाश केशरी, विभाग प्रचार-प्रसार प्रमुख अमर प्रसाद, महानगर अध्यक्ष कैलाश केशरी, सहमंत्री विश्वरंजन, रतनलाल केशरी, विक्रम साहू, अनिल महतो टाइगर, सुनील जी, बबिता सिंह, रेखा महतो, आदि उपस्थित रहे।

परमपूज्य जगद्गुरु स्वामी सत्यानंदजी महाराज, (श्री राम जन्मभूमि आंदोलन एवं केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल सदस्य विश्व हिंदू परिषद) एवं माननीय श्री चंपत राय जी (महासचिव,श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास) के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में भारत एवं नेपाल को जोड़ने वाली यह यात्रा 27 राज्यों को 60 दिनों में 15000 किलोमीटर तय करेगी।

श्री राम जी ने लंका विजय के पश्चात अयोध्या पहुंचने पर राज्याभिषेक के बाद अश्वमेध यज्ञ किया था। वर्तमान में श्री राम लला का 500 वर्षों की कठिन प्रतीक्षा के बाद भव्य राम मंदिर का निर्माण अयोध्या जी में हो रहा है । जो दिसंबर 2023 तक पूर्ण होगा एवं जनवरी 2024 में नए मंदिर के गर्भ गृह में रामलला विराजेगे । इसी संदर्भ में यह यात्रा भारत के 27 राज्यों से होते हुए विजयादशमी से गीता जयंती तक 60 दिनों में अपनी यात्रा पूर्ण करेगी। अयोध्या से जनकपुरी, काठमांडू, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, गुजरात एवं अन्य राज्यों को होते हुए पूरे भारत का भ्रमण कर रही है। इस यात्रा में प्रत्येक दिन सुबह 5:00 बजे पूजन–हवन का कार्यक्रम के बाद गौ पूजन एवं स्थानीय क्षेत्र में वृक्षारोपण एवं अन्य सेवा कार्य किया जाता है।

इस दिव्य दिग्विजय रथयात्रा मे रथ पर श्री रामचंद्र माता सीता जी के साथ ,श्री राम जन्मभूमि का विराट भव्य मंदिर का प्रारूप एवं श्री राम लला का अखंड राम ज्योति विद्यमान है। जो शहर के विभिन्न मार्गो से होकर गुजरेगी इस रथयात्रा में अयोध्या जी के कई साधु संत महंत भी सम्मिलित हैं।





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