
रांची : राजधानी रांची में पूरी पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य श्री स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज के 8 वर्षों के बाद पदार्पण चार दिवस के कार्यक्रम को लेकर हुआ हरमू मैदान में हिंदू राष्ट्र धर्म सभा के तहत स्वामी जी ने संबोधित किया उनके संबोधन प्रवचन को सुनने के लिए जहां एक और शहर के प्रबुद्ध एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे वही आम जनमानस काफी मंत्र मुक्ता और एकाग्रता के साथ उनके प्रवचन संबोधन को सुनने के लिए लालायित दिखे।

स्वामी जी ने अपने प्रवचन में कहां की अभी के वैज्ञानिक युग के जो भी उपकरण हैं। वह हमें वैदिक शास्त्रों के विधा के माध्यम से ही मिला है वैदिक सनातन संस्कृति के जो भी संस्कार हैं वह सर्वोत्कृष्ट हैं। परमात्मा की प्राप्ति का एकमात्र मार्ग सनातन सिद्धांत है । अतः सनातन सिद्धांत के प्रति आशान्वित होना आवश्यक है। हमें आस्था पूर्वक वेदांत शास्त्रों को मानना और यथासंभव विधान शास्त्रों के मार्ग पर चलना चाहिए। श्रीमद्भागवत में सृष्टि की संरचना का प्रयोजन किया गया है।





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