
रांची- राजधानी रांची का अरगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित सहजानंद चौक पर बाइक सवार तीन अपराधियों ने सुषमा बड़ाईक को गोली मारकर घायल कर दिया था। अपराधियों ने पंजरा और चेस्ट में गोली मारी है। पुलिस ने घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज बरामद कर ली है। सीसीटीवी फुटेज में कैद तीन अपराधियों में से एक अपराधी को सुषमा बड़ाईक ने पहचान कर ली है। दानिश रिजवान, नाजिर और नीरज सिन्हा नामक तीन व्यक्ति पिछले दो सप्ताह से लगातार धमकी दे रहा था। धमकी देकर कह रहा था कि केस उठा लो नहीं तो पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। आशंका जताई जा रही है कि केस नहीं मैनेज कर के विवाद में ही अपराधियों ने गोली मारी है। फिलहाल सुषमा बड़ाइक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और शरीर में फंसे गोली को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
शक की सूई दानिश रिजवान पर, हम पार्टी का प्रवक्ता था दानिश, जाने सुषमा ने क्या लगायी है आरोप-
रांची- राजधानी रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र के सहजानंद चौक के नजदीक मंगलवार सुबह 9:30 बजे बाईक सवार तीन अपराधियों ने सुषमा बड़ाईक को गोली मारकर घायल कर दिया। फिलहाल मेडिका में इलाज चल रहा है। सुषमा बड़ाईक अपने पिता के घर से बाडीगार्ड के साथ बाईक पर लौट रही थी, इसी दौरान घटना को अंजाम दिया गया. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, एफएसएल की टीम की मदद ली जा रही है। घटनास्थल के नजदीक स्थित सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है, पुलिस को शक है कि हिंदुस्तानी आवामी मोर्चा के पूर्व प्रवक्ता दानिश रिजवान के इशारे पर घटना को अंजाम दिया गया है। दानिश रिजवान पर सुषमा बड़ाईक ने पटना स्थित सजिवालय थाने में रेप के आरोप में केस दर्ज करवाया है। सुषमा बड़ाईक का दावा है कि उसका बेटा दानिश का है।
क्या है मामला —
आरोप है कि सुषमा साल 2011 में पटना आई थी। यहीं पर उसकी मुलाकात दानिश रिजवान से हुई। तब वो एक टीवी चैनल में काम करते थे। एफआईआर की मानें तो महिला अपना काम खत्म करने के बाद वापस पटना जंक्शन लौट रही थी। जिस समय वो स्टेशन पहुंची, उस वक्त वहां कोई ट्रेन रांची के लिए नहीं मिली। तभी कुछ बदमाश वहां पहुंचे, जिनसे डरकर वो स्टेशन के बाहर आ गई। उसने दानिश रिजवान को देखा और मदद मांगी। फिर दानिश उसे सचिवालय थाना इलाके के एक फ्लैट में ले गए। फ्लैट में दानिश ने दो प्लेट खाना मंगवाया। खाना खाने के बाद उसे नशा हो गया। एफआईआर में आरोप लगाया कि उसी दौरान दानिश ने गलत हरकत की. एफआईआर में इस बात का जिक्र है कि जिस वक्त ये सब कुछ हुआ, उस समय वो पूरी तरह से बेहोश नहीं थी. अर्द्धबेहोशी की हालत में उसे खुद को बचाने की ताकत नहीं बची थी. अगले दिन सुबह छह बजे रांची के लिए रवाना हुई। कुछ दिन बाद पता चला कि गर्भवती हूं, बच्चे को जन्म दिया. सुषमा का दावा है कि बच्चा दानिश का है। मामले में रांची में जीरो एफआईआर कर इसे सचिवालय थाना को भेज दिया था।
केस में होनी थी सुनवाई-
दानिश पर केस दर्ज करवाने वाली सुषमा बड़ाईक झारखंड के कई अधिकारियों पर इसी तरह का केस दर्ज करा चुकी है। चर्चित महिला सुषमा बड़ाईक से जुड़े एक मामले की झारखंड हाईकोर्ट (केस की संख्या 531/2020) में मंगलवार को सुनवाई होनी थी। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की कोर्ट में सूचीबद्ध है। बताया जा रहा है कि सुषमा बड़ाईक इस केस में अपना पक्ष खुद रखने वाली थी। लेकिन मंगलवार सुबह 9:30 बजे बाईक सवार तीन अपराधियों ने सुषमा बड़ाईक को गोली मारकर घायल कर दिया।





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