
पाकुड़- पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हिंसा के मामले में सीबीआई मुख्या आरोपी लालन शेख को झारखंड के पाकुड़ जिले के गिरफ्तार किया है. सीबीआई ने मामले में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149 और अन्य धाराएं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी. ये धाराएं सशस्त्र दंगे से संबंधित हैं. बीरभूम जिले के बागतुई गांव में 10 लोगों को जिंदा जलाए जाने की घटना के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. सीबीआई ने आरोपी लालन शेख को रविवार को रामपुरहाट महकमा अदालत में पेश किया. 9 महीने से फरार आरोपी लालन शेख पाकुड़ में छिपकर रह रहा था, इसकी भनक जैसे ही सीबीआई को लगी. उसे दबोच लिया. सीबीआई को 6 दिन का रिमांड मिला है. सीबीआई आरोपी से पूछताछ करेगी. इसके बाद कई खुलासे की उम्मीद है.
कोयला-बालू के अवैध कारोबार में वर्षो से चल रहा था विवाद
वीरभूम हिंसा वर्चस्व और कोयला, बालू से होने वाली अवैध वसूली मुख्य कारण माना जाता है. घटना की मूल वजह भादू शेख और सोना शेख के बीच अवैध वसूली की बंदरबांट को लेकर विवाद था, जिस कारण दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था. बता दे कि 21 मार्च 2022 की रात को बागटुई ग्राम में भादू शेख की बम मारकर नृशंस हत्या कर दी गयी थी. बाद में सोना शेख नाम के शख्स के घर में 10 लोगों को घर में बंद करके जिंदा जला दिया गया था. 2 किलोमीटर दूर पुलिस प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी. भादू शेख बरशाल गांव के पंचायत उप प्रमुख और तृणमूल कांग्रेस के नेता थे.
हाईकोर्ट ने दिया था सीबीआई जांच का आदेश
कलकत्ता हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज की बेंच ने बीरभूम हत्याकांड मामले की जांच का आदेश सीबीआई को दिया था. टीम को 7 अप्रैल तक कोर्ट में रिपोर्ट पेश करनी थी. इससे पहले SIT इस मामले की जांच कर रही थी. फोरेंसिक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि लोगों को जिंदा जलाने से पहले बुरी तरह पीटा और धारदार हथियारों से मारा गया था. बेंच ने बंगाल सरकार को मामले की जांच सीबीआई को सौंपने और एसआईटी को आगे की जांच में सीबीआई को पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया था.





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