रांची: मस्तक या दोनों भौहों के बीच भृकुटी का मध्य स्थल मनुष्य शरीर का वह स्थान है जहां आत्मा निवास करती है जब शिव शक्तियां मनुष्य को अर्थ रहित ईश्वरीय ज्ञान का क्या रहस्य भी सुनाती है कि वास्तव में आप नश्वर शरीर नहीं लेकिन अविनाशी आत्मा है इस भाव में दिखने में भी काल पर विजय प्राप्त कर स्वर्ण विभाग की प्राप्ति होगी।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र चौधरी बगान, हरमु रोड़ में भैया दूज एवं चित्रगुप्त पूजा का उत्सव मनाया गया।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान की संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने समागम में उपस्थित सभी आगंतुकों को भाई दूज का टीका लगाया और योग युक्त दृष्टि से सभी को इस परिवर्तनों से अपहृत कर मुंह मीठा कराया भाई दूज के आध्यात्मिक रहस्य को बताते हुए उन्होंने ये बातें कही।चित्रगुप्त पूजा के एक रहस्य को करते हुए राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी बहन निर्मला ने कहा कि मनुष्य के कर्मों का लेखा जोखा स्वतंत्र रूप से निराकार परमात्मा के पास रहता है उनका स्वयं का साकार शरीर नहीं होने के कारण उन्हें चित्रगुप्त कहते हैं वर्तमान कार्यकाल के अंत का समय ही उनके अवतरण का समय है।

इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित आदित्य साहू राज्यसभा सांसद ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि यमुना काल के देवता यमराज की लाडली बहन है यमुना योगी आत्मा की प्रतीक है योगी आत्माओं की वृत्तियों बहुत होती हैं और साक्षात्कार भी उनकी विधियों के सरकार से उनका अपना भाई बन जाता है।

लायंस क्लब, रांची के पूर्व अध्यक्ष सिद्धार्थ मजूमदार ने कहा कि माया रूपी शेर विकार पर्वत व नदियों की वेदवती धारा की समान समस्याएं भी उन्हें रोक नहीं पाते यह अपने ज्ञान योग की शक्ति से नहीं सृष्टि में अगर अमर पद की प्राप्ति करते हैं ।

समाजसेवी प्रकाश बजाज ने कहा की विकट परिस्थिति में जब विश्व भ्रातृत्व की भावना समाप्त होती जा रही है आत्मा आत्मा भाई भाई या भाई बहन की दृष्टि को फिर से उजागर करना समय की मांग है पवित्र दृष्टि की पुनः स्थापना का दिव्य कर्तव्य विश्वरी बहनों के द्वारा चल रहा है।





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