रांची : झारखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रभारी मंगलवार को भाजपाई हो गये. कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को इस्तीफा देने के साथ ही उन्होंने भाजपा मुख्यालय जाकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली. अब झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने उनके खिलाफ मोर्चा खेल दिया है. सबों के बोल तीखे हो गये हैं. प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि आरपीएन सिंह को कांग्रेस पार्टी ने खूब मौका दिया. उन्होंने झारखंड में अच्छा काम किया. अब भाजपा में जाने का उन्होंने निजी तौर पर फैसला लिया. हालांकि यह फैसला गलत है.
विधायक अंबा प्रसाद ने भी आरपीएन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे पिछले एक साल से बीजेपी के संपर्क में थे.
ट्वीटर पर अंबा ने लिखा है कि पिछल एक साल से ज्यादा से बीजेपी के साथ सांठ-गांठ कर आरपीएन सिंह झारखंड की कांग्रेस-जेएमएम सरकार को अपदस्थ कराने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने अपने स्तर से पार्टी नेतृत्व को लगातार इस बारे में आगाह भी किया था. इनके बीजेपी जाने से झारखंड का हर सच्चा कांग्रेसी खुश है.
विधायक डॉ इरफान अंसारी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि प्रदेश कांग्रेस को राहत मिली है. उनसे पिंड छूटा. वास्तव में आरपीएन राज्य में कांग्रेस को बर्बाद करने में लगे थे. वे अपने मूल उद्देश्य से भटक गये थे. अब भाजपा में जाने से उनकी कलई खुल गयी है. पार्टी की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा बल्कि पार्टी और मजबूत होगी.





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