रांची : तनाव में लगातार ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य साक्षरता को लेकर डोरंडा स्थित झारखंड आर्म्ड पुलिस सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गयी। इस दौरान जैप-1 के कमाडेंट अनीश गुप्ता और कांके स्थित मनोचिकित्सा संस्थान सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकेट्री (सीआईपी) के निदेशक बुद्देव दास मौजूद थे। कार्यक्रम में जवानों को मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों, शारीरिक स्वास्थ्य आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी. सीआईपी निदेशक डॉ. बासुदेव दास ने जैप के जवानों को मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों की रोकथाम की जानकारी देने के साथ कहा कि इस क्षेत्र में भविष्य में सीआईपी टीम की जैप जवानों की हरसंभव मदद करेगी.
कार्यक्रम में उपस्थित सीआईपी के एसोसिएट प्रोफेसर ने जैप जवानों को बताया कि प्राथमिक स्तर पर किसी व्यक्ति के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य या मानसिक स्वास्थ्य की पहचान कैसे करें. इस दौरान COVID-19 के दौरान जवानों में हुई मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति पर चर्चा की गई. उन्होंने विशेष रूप से युद्ध में तनाव और तनाव से गुजर रहे जैप के परिवारों की मदद करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला. उन्होंने परिवार और अन्य संबंधित सामाजिक-व्यावसायिक कामकाज और बच्चों पर मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले नकारात्मक पहलुओं के बारे में भी जानकारी दी.





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