रांची : प्रदेश कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर कोरोना काल में जान गंवाने वालों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है. प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता राशि से केंद्र सरकार इंकार कर रही है. 14 मार्च, 2020 को उसने अधिसूचना जारी करते हुए कहा था कि कोरोना से मृत व्यक्तियों को 4 लाख रुपया मुआवजा वह देगी. पर अब इस वादे से सरकार पलट गयी है. महज 50 हजार रुपये सहायता दिये जाने की बात हो रही. यह चुल्लू भर पानी में डूब मरने वाली हरकत है. अपने उद्यमी मित्रों का 7.95 लाख करोड़ रुपये कर्ज माफ केंद्र सरकार ने कर दिया. विलफुल 50 डिफॉल्टर्स के 68 हजार करोड़ माफ किये गये. इसमें पीएनबी स्कैम सहित कई अन्य कंपनियां हैं. कोरोना से जान गंवाने वालों के परिजनों के लिये केंद्र के पास पैसे नहीं. पर सेंट्रल विस्टा (नया संसद भवन) बनाने को 20 हजार करोड़ हैं. केंद्र सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के प्रावधानों का लाभ नागरिकों को देने से पीछे हट रही है. यह गंभीर सवाल है. कॉन्फ्रेंस में मंत्री आलमगीर आलम, प्रवक्ता राकेश सिन्हा, राजीव रंजन और अन्य भी उपस्थित थे.
4 लाख से अधिक परिवार कर रहे मुआवजे का इंतजार
राजेश ठाकुर ने कहा कि कोरोना काल में सरकारी आंकड़ों के हिसाब से 4 लाख 9 हजार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. उनके परिजन केंद्र सरकार से मुआवजे की आस में बैठे हैं. कोरोना के नये वेरिएंट का खतरा मडरा रहा है. अब केंद्र को एनडीएमए के तहत सामने आकर उन्हें 4-4 लाख रुपये देने चाहिये. प्रदेश कांग्रेस राज्य सरकार को पत्र लिखकर अपनी ओर से 1-1 लाख देने को कह चुका है.
20 सूत्री, आयोग, निगम के गठन के सवाल पर ठाकुर ने कहा कि गठबंधन धर्म का पालन होगा. अलग अलग दल सरकार में शामिल हैं. एक सहमति के साथ एक समय पर सबों की सूची आ जाने पर इसके गठन में आसानी होगी. कांग्रेस पार्टी भी अपने कार्यकर्ताओं के मान सम्मान की खातिर जल्द से जल्द गठन के प्रयास में है. उम्मीद है कि जल्द ही यह काम पूरा होगा. पेट्रोल डीजल की कीमतों पर कहा कि पार्टी चाहती है कि झारखंड में भी इसकी दरों में थोड़ी कमी हो.
जेपीएससी मसले पर राजेश ठाकुर ने कहा कि सीएम से पार्टी ने उचित निर्णय लेने के संबंध में चर्चा की है. छात्र हितों की चिंता कांग्रेस को भी है. जेपीएससी स्वयं एक सक्षम बॉडी है. वह समय पर फैसले ले सकती है. पार्टी के अधिकृत पदाधिकारियों के अलावा किसी और स्तर से अगर किसी नेता का बयान कांग्रेस की ओऱ से आता है तो वह पार्टी का बयान नहीं माना जाये.
जल्द ही होंगे पंचायत चुनावः आलम
आलमगीर आलम ने कहा कि केंद्र को एनडीएमए का पालन करते हुए मुआवजा राशि देनी चाहिये. दूसरे राज्यों से भी इस संबंध में बात हो रही. राज्य अपनी ओर से कैसे केंद्र पर इसके लिये दबाव बना सकते हैं, इसे देखा जा रहा. पंचायत चुनाव के मसले पर कहा कि जल्द ही चुनाव कराये जायेंगे. विपक्षी दल भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है सो वह बार बार इस पर बेतुका बात कर रही. चुनाव होने तक राज्य में कार्यकारी समिति कार्य करती रहेगी, यह तय किया जा चुका है. ग्राम विकास की योजनाओं पर किसी तरह का कोई प्रभाव चुनाव नहीं होने के कारण नहीं पड़ रहा.





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