जहानाबाद : प्रखंड सभागार भवन में सैंकड़ों दिव्यांगजनों ने अपने मांगों को लेकर बैठक किया।
बिहार एसोसिएशन ऑफ पर्सन विथ डिसएबिलिटी के उपाध्यक्ष सह सम्मेलन आयोजक अध्यक्ष ने कहा कि दिव्यांगों को विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने में समस्या हो रही है। इस मौके पर मुख्य अतिथि बिहार एसोसिएशन ऑफ पर्सन विथ डिसएबिलिटी के उपाध्यक्ष सह सम्मेलन आयोजक अध्यक्ष ह्रदय यादव, प्रदेश मीडिया प्रभारी धीरज कुमार धनराज, जिला अध्यक्ष विवेक कुमार, जिला सचिव गौतम कुमार, जिला मीडिया प्रभारी प्रिंस, समाजसेवी अमित पांडे उपस्थित थे।
इस मौके पर ह्रदय यादव ने दिव्यांगो को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना जैसी और भी ऐसी योजना जिसके लिए दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 की सुसंगत धाराओं को अस्तित्व में लाने की जरूरत है। जिसके माध्यम से दिव्यांगों को सशक्त किया जा सके पर सरकारी महकमे में बैठे पदाधिकारी इस अधिनियम को अस्तित्व में लाने से बच रहे हैं, जो कि बिहार के दिव्यांग जनों के लिए अच्छा नहीं है। ग्रामीण परिवेश में हमारे दिव्यांगजन आज अपनी योजनाओं से कोसों दूर हैं। मैं सरकार से लगातार इस बात कि मांग कर रहा हूं कि ग्रामीण परिवेश के दिव्यांगों के लिए स्पेशल विद्यालय एवं बेरोजगार दिव्यांगों के लिए सरकार स्वरोजगार मुहैया करवाएं।
आज के आधुनिक समय में भी हमारे दिव्यांगजन सरकार द्वारा प्रदत योजनाओं के लाभ से वंचित है। जिसका मुख्य कारण जागरूकता का अभाव है। इसी वजह से आज भी दिव्यांग वर्ग अपनी समस्याओं से जूझ रहा है। वर्तमान समय में दिव्यांगजन पेंशन का लाभ भी सही रूप में नहीं ले पा रहे है, यहां तक अभी भी बिहार के हजारों दिव्यांगों का प्रमाणीकरण नही हो पा रहा है। जिससे की बिहार में अभी भी दिव्यांगो का सही आंकड़ा नहीं मालूम है। दिव्यांग जनों के बीच जागरूकता, शिक्षा और रोजगार के उद्देश्य को लेकर आगामी 3 दिसंबर 2021 को पटना के गांधी मैदान में भव्य सम्मेलन और मेले का आयोजन बिहार एसोसिएशन ऑफ पर्सन विथ डिसेबिलिटी के सौजन्य से किया जा रहा है। जिसके लिए पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर के दिव्यांग जनों को जागरूक किया जा रहा है।
इस सम्मेलन में लगभग दो लाख दिव्यांगों के आने की संभावना है। मौके पर प्रदेश मीडिया प्रभारी धीरज कुमार धनराज ने कहा कि वर्तमान समय में दिव्यांगों के आत्मसम्मान में जो इजाफा हुआ है। उसका सारा श्रेय बिहार के पूर्व राज्य आयुक्त नि:शक्तता डॉ शिवाजी कुमार को जाता है। यह कोई जरूरी नहीं कि हर बार डॉ कुमार जैसे ही मसीहा दिव्यांगो को मिलेंगे। इसलिए बिहार के दिव्यांगों को संगठित होने की आवश्यकता है।
दिव्यांगजनों के योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि पंचायत स्तर पर दिव्यांग जनों की स्थितियों में सुधार लाना है तो सरकार को जल्द से जल्द हर पंचायत में एक दिव्यांग मित्र का चयन करें। जिसके माध्यम से पंचायत स्तर के दिव्यांग जनों को योजनाओं एवं उनका लाभ आसानी से ले सकें। साथ ही सम्मेलन को सफल बनाने हेतु एसोसिएशन की ओर से पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक के आयोजन समिति का गठन किया जा रहा ह।





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