रांची : राजधानी में पुलिस दावा करती है कि अपराधियों पर लगाम लगाया जा चुका है। ज्यादातर अपराधी जेल में बंद है तो कई अपराधी जमानत पर जेल से बाहर आने पर प्रतिदिन थाना में हाजरी लगाते हैं। हर इलाके में लोग सुरक्षित हैं, लेकिन पुलिस के सारे दावे है खोखले नजर आ रहे हैं।
रांची में पिछले आठ महीनों में चोरों ने 1230 चोरी की घटना को अंजाम दिया है। इससे स्पष्ट होता है कि चोर प्रतिदिन 5 से अधिक चोरी की घटना के अंजाम दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पिछले आठ महीने में 128 लोगों की हत्या की जा चुकी है। इस आकंड़ा से पता चलता है कि हर दूसरे दिन राजधानी में एक व्यक्ति की हत्या हो रही है।
हत्यारे इतनी सफाई से हत्या की घटना को अंजाम दे रहे हैं कि वह सीसीटीवी में भी नहीं आ रहे हैं। हत्यारों को पता है कि सीसीटीवी कहां कहां लगा हुआ है। इस वजह से भी कई बड़ी घटना का खुलासा करने में पुलिस फेल साबित हो रही है।
आपको बता दें कि राजधानी में लोगों की सुरक्षा के लिए तीस पीसीआर और पंद्रह हाईवे पेट्रोलिंग तैनात हैं। 45 गाड़ियों में जवान 24 घंटे ड्यूटी करते हैं और पूरे इलाके में गश्ती होती है। इसके अलावा 47 थाना और ओपी की गाड़ी अपने-अपने इलाके में गश्ती करती है। इसके बाद भी चोरी और हत्या की घटना हो जा रही है। चोरी की अधिक्तर घटना रात के वक्त होती है। इसके बाद भी चोरी पुलिस की पकड़ नहीं आ रहे हैं। चोरों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि कुछ ही देर के लिए ही घर खाली हो तो भी चोरी आसानी से चोरी कर फरार हो जाते हैं।





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