झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के भाई वासुदेव महतो की कोरोना से मृत्यु हो गई है। वासुदेव का इलाज रांची के मेडिका अस्पताल में चल रहा था। वासुदेव 16 अप्रैल को कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद से ही उनकी तबीयत खराब थी।
बोकारो
भंडारीदह (बेरमो), झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के भाई वासुदेव महतो का गुरुवार को रांची स्थित मेडिका अस्पताल में कोरोना से निधन हो गया। वासुदेव महतो चंद्रपुरा प्रखंड के तारमी पंचायत के मुखिया थे। 16 अप्रैल को कोरोना संक्रमित होने के बाद उन्हें इलाज के लिए बोकारो सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिन बाद सांस में तकलीफ होने पर वहां से बोकारो जनरल रेफर कर दिया गया था, जहां इलाज के बाद कोरोना जांच कराए जाने पर 23 अप्रैल को रिपोर्ट निगेटिव आई थी। पुन: तबीयत अधिक खराब हो जाने पर उन्हें बोकारो जनरल अस्पताल से रांची स्थित मेडिका अस्पताल रेफर कर दिया गया था, जहां पर चिकित्सकों ने जांच करने के बाद कहा था कि स्थिति ठीक है, इसलिए अस्पताल में एडमिट करने की जरूरत नहीं है।
तबीयत खराब होने पर बुधवार को मेडिका में कराया गया था भर्ती
वासुदेव महतो रांची स्थित विधानसभा आवास में रहकर इलाज करा रहे थे। बुधवार की दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ने पर स्वजन उन्हें आनन-फानन में मेडिका ले गए, जहां स्थिति बिगड़ती देख उन्हें वेंटिलेटर पर डाल दिया गया। गुरुवार को इलाज के क्रम में उनकी मौत हो गई। महतो की माैत की खबर मिलते ही बोकारो जिले के चंद्रपुरा प्रखंड में शोक की लहर दाैड़ गई।
कोरोना संक्रमित होने के बाद शिक्षा मंत्री 7 महीने से चेन्नई में
बताते चलें कि झारखंड के शिक्षा मंत्री पिछले सात माह से चेन्नई स्थित एमजीएम अस्पताल में इलाजरत हैं। शिक्षा मंत्री गत 28 सितंबर को कोरोना पॉजिटीव हुए थे, जिसके बाद रांची रिम्स में भर्ती कराया गया था। जहां सेहत में सुधार नहीं होने पर उन्हें मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से उन्हें गत 19 अक्टूबर को एयर लिफ्ट कर चेन्नई स्थित एमजीएम अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। जहां एमजीएम के डॉक्टरों ने आखरी विकल्प को अपनाते हुए गत दस नवंबर को उनका लंग्स ट्रांसप्लांट किया था।




