राँची : ऑल झारखण्ड स्टूडेंट्स यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने कहा कि हेमंत सरकार द्वारा जो बजट पेश किया गया है, उसमें कोई विजन और प्रतिबद्धता नहीं है। हेंमत सरकार किस राह पर चलना चाहती है, उसे स्वयं पता नहीं है। बजट के नाम पर मिलाजुला काग़ज का पुलिंदा रख दिया है.
वित्तीय वर्ष 2021 – 2022 के लिए हेंमत सरकार के 91 हजार 227 करोड़ के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी प्रमुख सुदेश महतो ने कहा कि अगर बजट तैयार करने से पूर्व चुनाव से पहले जारी किए गए अपने निश्चय पत्र घोषणा पत्रों को पढ़ना नहीं चाहते तो यह उनकी भूल है कि राज्य की जनता युवा एवं बेरोजगार को वह वादे याद नहीं है।
उन्होंने कहा सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि रोजगार के लिए इस बजट में क्या प्रावधान किया गया है, जबकि नौकरी और रोजग़ार इस राज्य का सबसे बड़ा मसला है. केंद्र सरकार की अधिकतर योजनाओं को अपने नाम करने की बेताबी इस बजट में स्पष्ट झलकती है। उद्योगों को बचाने उसके सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार ने साफ़-साफ़ मुँह मोड़ लिया है. रोजगार और नई नियुक्तियों के लिए कोई नीतिगत दिशा नहीं है. पिछले बजट में स्नातक और स्नातकोत्तर पास बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान किया गया था. पूरे वर्ष बेरोजगारों को एक पाई नहीं मिली और इस बार के बजट में उस मसले पर क्या करना है सरकार बताने से बचती रही. ग्रामीण विकास, कृषि, जलसंसाधन में कुल बजट का सिर्फ 20 प्रतिशत प्रावधान किया गया है जबकि राज्य के 75 प्रतिशत लोगों का जीवन इससे प्रभावित है। उन्होंने यह भी कहा की गरीबों के लिए कोरोना टीकाकरण का मुफ़्त प्रावधान करना चाहिए था।




