रांची:कांग्रेस छात्र संगठन झारखंड एन.एस.यू.आई के प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय रांची में भ्रष्टाचार करते हुए आउट सोर्स के माध्यम से अवैध रूप से की गई नियुक्तियों को तत्काल समाप्त करने एवं उक्त कार्यों में शामिल पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने हेतु एव कार्रवाई को लंबित रखने के कारण दोषियों को चिन्हित कर कार्रवाई किए जाने साथ हीं किए जा रहे प्रशासनिक एवं आर्थिक भ्रष्टाचार के विरुद्ध मामला दर्ज कर कार्रवाई करने के संबंध में एन्टी करप्शन ब्यूरो के डी.जी अजय कुमार सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
बता दें कि झारखंड प्रद्योगिकी विश्वविद्यालय रांची में भ्रष्टाचार करते हेतु आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से विभिन्न पदों पर की गई अवैध नियुक्तियों के विरुद्ध अधोहस्ताक्षरी द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन को समर्पित प्रति शपथ पत्र के माध्यम से अवैध रूप से नियुक्त सभी आउटसोर्स कर्मियों को तत्काल सेवा मुक्त करने का अनुरोध किया गया था साथ ही उक्त अवैध नियुक्तियों में शामिल विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के कृतियों का भी उत्तरीय स्वतंत्र समिति का गठन कर गंभीरता से जांच कराने के संबंध में बताया गया था। परंतु भ्रष्टाचार में डूबी विश्वविद्यालय प्रशासन के वर्तमान अधिकारी हरिहर प्रसाद (वित्त पदाधिकारी) अमर कुमार चौधरी (कुलसचिव) एवं विजय पांडे (प्रभारी कुलपति) के द्वारा आपसी मिलीभगत करते हुए अवैध रूप से नियुक्त कर्मियों की सेवा लगातार जारी रखी गई है एवं लाखों करोड़ों रुपए का भुगतान किया जा रहा है तथा राज्य के सरकारी पैसों का दुरुपयोग हो रहा है।
इंदरजीत सिंह ने विश्वविद्यालय पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि झारखंड प्रतियोगी की विश्वविद्यालय रांची में व्याप्त आर्थिक भ्रष्टाचार एम अवैध रूप से नियुक्त आउटसोर्स कर्मियों के लिए गैर शैक्षणिक स्वीकृत पदों का वर्गीकरण करने का क्या आधार है? नियुक्ति का नियम एवं आधार क्या है? वेतन निर्धारण कर भुगतान का आधार क्या है? निर्धारित योग्यता तथा अहर्ता सुनिश्चित करने का आधार क्या है? राज्य सरकार के बगैर अनुमोदन की नियुक्ति कैसे की गई ? आरक्षण नियमों का हनन किया जा रहा है इत्यादि तथ्यों तथा वर्तमान के पदाधिकारियों द्वारा उक्त भ्रष्टाचार का रस से दिए जाने के मामले को गंभीरता से जांच कराने एवं दोषियों को चिन्हित कर भ्रष्टाचार करने का मामला दर्ज करते हुए विश्वविद्यालय में अवैध रूप से नियुक्त सभी व्यक्तियों को अब तक की गई कुल भुगतान राशि के संबंध में भी जांच कराने एवं कड़ी कार्रवाई करने की कृपा की जाए ताकि इस बात का भी आकलन हो सके की कुल कितनी राशि का भुगतान अवैध रूप से किया जा रहा है।





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