रांची : कोरोना की दूसरी लहार के दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन का कालाबाजारी कर रहे आरोपी राजीव सिंह पर जांच एजेंसी ईडी ने शिकंजा कसी है। इस पूरे मामले की जांच अब जांच एजेंसी ईडी करेगी। राजीव सिंह के कार से रेमडेसिविर, ऑक्सीजन, पीपीई किट, कोरोना की दूसरी दवाइयां सहित कई सामान मिले थे। पुलिस के अनुसार राजीव समाजसेवा की आड़ में इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहा था। पुलिस ने राजीव की कार को जब्त कर ली थी।
जांच एजेंसी जानकारी जुटाएगी कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर इंजेक्शन राजीव के पास पहुंचे कैसे, इसके पीछे और कौन-कौन लोग हैं।
झारखंड प्रर्वतन निदेशालय ने 10 अक्टूबर को दिल्ली स्थित प्रर्वतन निदेशालय के मुख्यालय से रांची में हुइ रेमडिसिविर की कालाबाजारी के मामले में जांच की अनुमति मांगी थी। मुख्यालय से आदेश हो गया है कि इस मामले की जांच झारखंड प्रर्वतन निदेशालय के द्वारा किया जाएगा। जल्द ही ईडी के द्वारा इस मामले में केस दर्ज करने के बाद जांच शुरू की जाएगी। इस मामले में सीआईडी ईडी को जांच में मदद करेगी। ईडी के द्वारा जांच में राजीव सिंह के अलावा कई और लोगों का नाम सामने आने की संभावना है। इस मामले का मुख्य आरोपी राजीव सिंह है। राजीव सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सीआईडी ने लिया था केस
इस मामले में कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसके बाद इंजेक्शन की कालाबाजारी के मामले की जांच सीआईडी के द्ववारा की जाने लगी। राजीव सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में दवा दुकानदार राकेश रंजन से भी पूछताछ की गई थी। जेल में रहने के दौरान पुलिस का वरीय अधिकारी बनकर पैसा की मांग करने के आरोप में राजीव सिंह के खिलाफ डोरंडा थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। राजीव सिंह का झारखंड में कई पुलिस अधिकारियों से बेहतर संबंध है। जेल से निकलने के बाद राजवी सिंह फिर से पुलिस अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहा है।





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