राजधानी रांची में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। लेकिन पुलिस अपराध की घटनाओं को रोकने में सफल नहीं दिख रही है। हाल के दिनों में राजधानी रांची में हत्या, दुष्कर्म, अपहरण, चोरी व छिनतई के कई मामले दर्ज किए गए हैं। राजधानी रांची में अपराधियों के मनोबल इतने बुलंद हैं कि अपराधी दिनदहाड़े हत्या व अपहरण की घटना को अंजाम दे रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने में कामयाब नहीं दिख रही है।
झारखंड पुलिस के आंकड़ो के अनुसार रांची में सबसे अधिक दुष्कर्म के मामले सामने आए हैं। हर महीने 15 – 20 ज्यादा घटनाएं हुईं। 2020 से अब तक (जुलाई 2021 तक) रांची में 347 महिलाएं दुष्कर्म का शिकार हुई हैं। इस मामले में 186 मामलों के साथ गढ़वा दूसरे नंबर पर है। वहीं, 2020 में राज्य की 1796 महिलाएं और जुलाई 2021 तक 929 महिलाओं के साथ दुष्कर्म हुआ। यानी 19 महीनों में कुल 2725 महिलाएं दुष्कर्म का शिकार हुई।
दहेज के लिए गिरिडीह जिले में हुई सबसे अधिक हत्याएं
दहेज के लालच में राज्य में विवाहित महिलाओं की हत्या रुकने का नाम नहीं ले रही है। खूंटी और सरायकेला जिले को छोड़ दिया जाए तो बाकी जिले में दहेज हत्या के काफी मामले सामने आये हैं। झारखंड पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष यानी जनवरी से लेकर जुलाई 2021 तक 168 महिला की हत्या दहेज के लिए की गई।





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