
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार 7 नवंबर 2022 को सिखों के पहले गुरु गुरु नानक देव की 553वीं जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित समारोह में हिस्सा लिया। ये कार्यक्रम राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा के निवास स्थान पर हुआ। पीएम नरेंद्र मोदी आए दिन सिख गुरुओं से संबंधित कार्यक्रमों में लगातार हिस्सा लेते रहते हैं और गुरुद्वारे में मत्था टेकने भी जाते हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सिख गुरुओं की शिक्षाएं प्रकाश की किरण की तरह जीवन के कठिन दौर से गुजर रहे दुनिया भर के लोगों के लिए को रास्ता दिखा रही हैं।
पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘जब भारत पाकिस्तान का विभाजन हुआ था तब हमारे पंजाब के लोगों ने, देश के लोगों के लिए जो बलिदान दिया, उसकी स्मृति में देश ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की शुरुआत भी की है। विभाजन के शिकार सिख हिंदू परिवारों को अपने देश में वापस लाने के लिए हमने सीएए कानून लाकर उन्हें भारतीय नागरिकता देने का प्रयास किया है।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार 7 नवंबर 2022 को सिखों के पहले गुरु गुरु नानक देव की 553वीं जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित समारोह में हिस्सा लिया। ये कार्यक्रम राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा के निवास स्थान पर हुआ। पीएम नरेंद्र मोदी आए दिन सिख गुरुओं से संबंधित कार्यक्रमों में लगातार हिस्सा लेते रहते हैं और गुरुद्वारे में मत्था टेकने भी जाते हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सिख गुरुओं की शिक्षाएं प्रकाश की किरण की तरह जीवन के कठिन दौर से गुजर रहे दुनिया भर के लोगों के लिए को रास्ता दिखा रही हैं।





Add comment