
राँची: 15 अक्टूबर 2022 : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रांची महानगर के द्वारा आज रांची विश्वविद्यालय के स्वायत्तता का हनन एवं प्राइवेट आउटसोर्सिंग को लेकर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने विरोध करते हुए राँची विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रांची महानगर का प्रतिनिधिमंडल रांची विश्वविद्यालय के कुलपति से मिला, आउटसोर्सिंग कंपनियों के द्वारा टेंडर कराकर परीक्षा लेने के विरोध में प्रतिनिधिमंडल ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे तुरंत रोकने को कहा| साथ ही रांची विश्वविद्यालय के कुलपति ने अमर्यादित व्यवहार करते हुए आउटसोर्सिंग कंपनियों को बहाल करने की बात कही और विश्वविद्यालय में तालाबंदी करने को भी कहा जो कि कहीं से भी न्याय उचित छात्र हित में नहीं हैं |

राँची विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० अजीत सिन्हा आई० आई० टी० रुड़की जैसे शिक्षण संस्थानों के तर्ज पर राँची वि०वि० के पास सभी प्रकार के भवन, कर्मचारी एवं सुविधाएं रहने के बावजूद भी आखिर क्यों कुलपति महोदय विश्वविद्यालय के प्रशाशनिक कार्य को बाहरी स्त्रोतों के हाथों में सौंप कर विश्वविद्यालय के विधि व्यवस्था को क्यों चौपट करना चाहती है| जिसकी विद्यार्थी परिषद कड़ी निंदा करता है|
मौके पर उपस्थित अभाविप झारखण्ड के प्रदेश मंत्री सोमनाथ भगत ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय ने वर्ष 2017 में भी इस विश्व विद्यालय को प्राइवेट कंपनी को देने का कार्य करना चाहती थी, उस वक्त भी विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने इस विश्व विद्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर के भूख हड़ताल किया था, आज हम पुनः विश्वविद्यालय को यह चेतावनी देते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन अगर यह फैसला अपना वापस नहीं लेती है तो हम विश्वविद्यालय में अनिश्चितकाल के लिए तालाबंदी करेंगे।

प्रादेशिक विश्वविद्यालय संयोजक श्री विशाल सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय आए दिन सभी विभागों को प्राइवेट कंपनी को देने का कार्य कर रहा है, अगर विश्वविद्यालय का सभी काम अगर प्राइवेट कंपनी के माध्यम से ही होगा तो कुलपति महोदय एवं समस्त पदाधिकारी विद्यालय को बंद कर दें, जब सब प्राइवेट कंपनी ही काम करेंगे तो उनका क्या काम है|
रांची विश्वविद्यालय संयोजक दुर्गेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय पदाधिकारी सारे नियम शर्त को ताक पर रखकर सभी काम कर रहे हैं, जितनी भी नियुक्तियां पूर्व के कुछ महीनों में हुई है, वह ऐसी नियुक्तियां है, जिसकी कोई आधार ही नहीं है| सभी सेवानिर्वित तथा वैसे जो उस विषय के जानकार भी नहीं है, विद्यालय चेहरा देखकर नियुक्तियां कर रही है जो विश्वविद्यालय को आने वाले समय गर्त में ले कर जाएगा।

अभाविप के प्रतिनिधि मंडल ने कड़ा विरोध करते हुए चेतावनी दी है कि अगर विश्वविद्यालय बाहर से किसी भी प्रकार की आउटसोर्सिंग करती है तो विद्यार्थी परिषद 17 अक्टूबर 2022 को विश्वविद्यालय में अनिश्चितकाल के लिए तालाबंदी करेंगी | मौके पर प्रतिनिधिमंडल में जिला संयोजक प्रेम प्रतीक केशरी, महानगर मंत्री रोहित शेखर, सह मंत्री रीतेश सिंह, आनन्द,कार्यालय सह मंत्री विद्यानंद राय, अमित कुमार, सुमित कुमार इत्यादि उपस्थित रहे|





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