खुलासा : राजधानी रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र स्थित हेसल में अफीम से ब्राउन सुगर बनाए जाने का कारोबार करीब छः महीने से चल रहा था। स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नही थी।

खूंटी पुलिस के समक्ष आरोपी ने इसका खुलासा किया है। आरोपी करीब दो वर्ष से मादक पदार्थ तस्करी का काम कर रहा है।बताया जा रहा है कि आपस में सभी रिश्तेदार भी है। खूंटी, तमाड़, चतरा से अफीम खरीद चौपारण के रास्ते राजस्थान पंजाब समेत अन्य राज्य भेजता था। इसी वर्ष फरवरी में ब्राउन सुगर बनाने का काम शुरु किया। 10 किलो अफीम में 1 किलो ब्राउन सुगर तैयार किया जाता था। इसमें चुना, केमिकल का इस्तेमाल किया जाता था। इंटरस्टेट गिरोह से जुड़े आरोपी ब्राउन शुगर बनाकर अन्य राज्यों में भेजता था।
इस मामले में कई और लोगों के नाम सामने आये हैं। कई मोबाइल नंबर भी पुलिस को मिले हैं। खूंटी एसपी अमन कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ किया जाएगा। कुछ लोगो के नाम सामने आये है। रिमांड पर पूछताछ के बाद गिरोह के नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिलेगी. ताकि इस कारोबार के सप्लाई चेन को तोड़ा जा सके।
ऐसे पकड़ाया नशे का कारखाना
खूंटी के अड़की थाना क्षेत्र के हुंठ के पास अफीम की खरीद-बिक्री होने की सूचना पर पुलिस की टीम एम्बुस लगाकर क्रेटा कार सवार चतरा जिला के इटखोरी थाना क्षेत्र के नगवां निवासी तुलेश्वर कुमार, वीरेंद्र कुमार दांगी, और हजारीबाग जिला के चौपारण थाना क्षेत्र के जोकट गांव निवासी उमेश कुमार दांगी उर्फ साजन कुमार को पकड़ा गया. साथ ही अफीम के साथ मारंगहादा थाना क्षेत्र के बिचागुटू निवासी सनिका पाहन को भी गिरफ्तार किया गया। कार सवार लोगों से अनगड़ा थाना क्षेत्र के हेसल स्थित उमेश दांगी के घर में ब्राउन शुगर बनाए जाने की जानकारी मिली।
जिसके बाद पुलिस की टीम ने हेसेल में छापेमारी कर चार करोड़ 95 लाख रुपये के 2.475 किग्रा ब्राउन सुगर, 33 लाख 20 हजार का 6.640 किग्रा अफीम, 15 लाख नगद, अफीम से ब्राउन सुगर बनाने में उपयोग किये जाने वाले समान बरामद किया गया। वही पकड़े गये आरोपी के निशानदेही पर चतरा के इटखोरी थाना क्षेत्र स्थित नगवां से रवि दांगी को गिरफ्तार किया गया।





Add comment