
रांची- झारखंड में दिल्ली से चोरी की गयी कार बेची जाती है. झारखंड के जमशेदपुर सहित कई अन्य शहरो में चोरी की कार बेची जाती है. झारखंड के जमशेदपुर में फराज नामक व्यक्ति दिल्ली से चोरी की कार खरीदता है. यह खुलासा तब हुआ जब दिल्ली पुलिस जाहित अंसारी और शैलेद्र चौहान नामक दो आरोपी से पुछताछ की. दोनो आरोपी चोरी की कार ले जा रहे थे, इसी क्रम में पुवायां निगोही मार्ग पर पुलिस दोनो आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी की दो कार बरामद किया. आरोपियों ने पुलिस को पुछताछ में बताया कि उनके गिरोह में झारखंड सहित अन्य राज्य के लोग शामिल हैं, पूछताछ में दोनों ने बताया कि अलग-अलग राज्यों में ग्राहक तलाशते हैं. जिस रंग की कार को चुराते हैं, उसी रंग के दूसरी कार का नंबर चुराई गई कार पर लिख देते हैं. उसी का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन ग्राहक देते हैं. जिससे उसको शक नहीं होता है. आऱोपी जमशेदपुर में कई कार बेच चुके है.
एक वर्ष पूर्व पकड़ी गयी थी वाहन चोर गिरोह की सरगना लवली सिंह सहित अन्य चोर
रांची पुलिस ने बीते साल दिसम्बर में वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गैंग की महिला सरगना लवली सिंह, फरदीन खान, शिवकुमार अशफाक अंसारी, मोहम्मद अजहर और मुस्ताक आलम नामक आरोपी को गिरफ्तार किया था. इस गिरोह के लोग दिल्ली सहित कई राज्यो में वाहन चोरी की घटना को अंजाम देता था, दिल्ली से दो चार पहिया वाहनों को नंबर बदलकर हजारीबाग में चलवाया जा रहा था. जिसे रांची पुलिस ने पकड़ा था. गिरोह के उद्भेदन के लिये रांची पुलिस ग्राहक बनकर लवली से फोन पर गाड़ी खरीदने की बातचीत की. गाड़ी की डील के लिए पुलिस को हजारीबाग के एक होटल में बुलाया गया. सरगना लवली सिंह गाड़ी बेचने के लिए खुद होटल पहुंची जहां उसे दबोच लिया गया. कई वर्षों से इस गिरोह का संचालन पटना निवासी लवली सिंह कर रही थी. गिरोह द्वारा झारखंड के भी कई शहरों में वाहन चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था. इस गिरोह में रांची से लेकर दिल्ली तक के चोर शामिल था.





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