
रांची- झारखंड की राजधानी रांची में बढ़ते ठंड को देखते हुए बिरसा जैविक उद्यान में जानवरों के बचाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. ठंड से बचाने के लिये हरसंभव उपाय किये जा रहे हैं. कनकनी और ठंड के बीच बाघों व चीतों समेत जंगली जानवरों की सेहत का ख्याल रखा जा रहा है. बाघों को उनके बाड़े के बाहर में हीटर और ब्लोअर लगा दिये गये हैं. इनमें हर के बाड़े के बाहर शाम के बाद पूरे हिस्से को गर्म रखने की पुख्ता व्यवस्था की गयी है. बिरसा जू के चिकित्सक डॉ. ओमप्रकाश कहते हैं कि जानवरों को मल्टी विटामिन दी जा रही है. ताकि उनके शरीर में पोषण कम न हो और उनकी एक्टिविटी में किसी तरह की सुस्ती जाहिर न हो. टाइगर और चीते के बाड़े को लकड़ी के पटरे से ढंक दिया गया है. वहीं, शाकाहारी पशुओं को पुआल का जुट लगाकर ठंड से बचाव किया जा रहा है. बिरसा जैविक उद्यान का पूरा वातवरण जंगल की तरह ही है, ऐसे में दिन के वक्त धूप में बाघों को पानी से खेलना पसंद हैं लिहाजा वो पानी से मस्ती भी करते हैं.

चिड़ियां और भालू को दिया जा रहा है अंडाः
डॉ ओम प्रकाश ने बताया कि बढ़ती ठंड को देखते हुए जानवरों के डायट में भी कुछ बदलाव किये गये हैं. चिड़िया और भालू को अंडा दिया जा रहा है. दरअसल ठंड के दिनों में जंगली जानवरों की भूख और उनकी डायट भी बढ़ जाती है. ठंड के दिनों में उन्हें भूख खूब लगती है, ऐसे में उन्हें शाम के वक्त एक ही बार कंप्लीट भोजन दिया जाता है जिसमें एक वयस्क बाघ 10 किलो तक मांस खा जाते हैं, हालांकि दिन भर उन्हें दूध के साथ हल्का फूड दिया जाता है.
सांप घर 15 फरवरी तक बंदः
ठंड को देखते हुए सांप घर को 15 फरवरी तक के लिये बंद कर दिया गया है. दरअसल, सांप कोल्ड ब्लडेड होता है. ठंड में सांपों को परेशानी होती है. ऐतिहातन सांप घर को बंद कर दिया गया है. 104 हेक्टेयर में फैले बिरसा जैविक उद्यान में 83 विभिन्न प्रजातियों के लगभग 1526 जानवर हैं. बिरसा जू में इस समय कुल 9 बाघ, चार शेर और 8 तेंदुए हैं.





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