रांची: मांडर निवासी एक आदिवासी युवक को चेन्नई में एनडीपीएस मामले में झूठे केस में फंसा दिया गया था.
वह चेन्नई के एक जेल में बंद था. परिवार के लोग परेशान थे. तमिलनाडु के सालेम जिले में उसके ऊपर मामला दर्ज हुआ था.
वह चेन्नई मजदूरी करने गया था लेकिन उसे 15 किलो ड्रग्स के मामले में फंसा दिया गया. परिवार के लोग हमारे पास पहुंचे. हमने पूरे मामले को समझा और चेन्नई में वकील की व्यवस्था कर. बेल की प्रक्रिया को प्रारंभ किया गया.
अब उन्हें बेल प्राप्त हो गया है. परिजनों को हमने आर्थिक सहायता एवं टिकट कर रात में चेन्नई भेजा है. हमारे निजी सहायक ने उन्हें रेलवे स्टेशन भेजा है.
अब हमारा आदिवासी भाई घर आ जाएगा. अब परिवार के लोग साथ में नया साल मनाएंगे.
समाज में हमारी जिम्मेदारी है कि मुश्किल परिस्थितियों में अपने लोगों के साथ खड़े रहें. मांडर विधायक शिल्पी नेहा तिर्की।





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