रांची:झारखंड सहायक प्राध्यापक अनुबंध संघ के द्वारा आयोजित राज्यपाल सह कुलाधिपति तथा मुख्यमंत्री के ध्यानाकर्षण कार्यक्रम के आज सातवें दिन राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों व अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत घंटी आधारित अनुबंध सहायक प्राध्यापकों ने अपने मांगों रेगुलराइजेशन, यूजीसी रेगुलेशन के अनुसार न्यूनतम ग्रेड पे या ग्रौस सैलरी फिक्सेशन,टर्मीनेट शिक्षकों का सेवा बहाल करने को लेकर ध्यानाकर्षण हेतु राज भवन के सामने बैठे। डॉ०एस०के०झा ने कहा कि घंटी आधारित अनुबंध सहायक प्राध्यापकों के समर्थन में कल 12.00 बजे राज्य के पद्म श्री सम्मान से सम्मानित मुकुंद नायक एवं मधुमंसूरी हंसमुख कार्यक्रम स्थल पर आयेंगे। इसके अतिरिक्त जनजातीय परामर्शदात्री के पूर्व सदस्य रतन तिर्की भी राजभवन के सामने अनुबंध सहायक प्राध्यापकों के हितार्थ कल धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में पहुंचेंगे। राज्य के सभी विश्वविद्यालयों से डॉ०किलिस मरांडी ने कहा कि देश और राज्य के शिक्षक जहां शिक्षा का पोषण करते हैं, वहीं हमारे राज्यों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत घंटी आधारित अनुबंध सहायक प्राध्यापकों का शोषण होते आया है।
इनसे स्थायी शिक्षकों की भांति कार्य तो लिया जाता है, परंतु मानदेय में घोर असमानता के साथ साथ अवकाश के दिनों में कोई मानदेय का भुगतान नहीं होता। एसकेएमयू से आयी डॉ०लीना मूर्मू ने कहा कि सरकार यूज एंड थ्रो की नीति का प्रयोग करते हुए एसकेएमयू तथा केयू से शिक्षकों का टर्मीनेशन किया है, अतः इन शिक्षकों का सेवा बहाल करें। डॉ०लक्ष्मी पिंगुव ने कहा कि जब सभी राज्यों में तात्कालिक रुप से नियुक्त शिक्षकों को यूजीसी रेगुलेशन के अनुसार ग्रेड पे या ग्रौस सैलरी दी जाती है तो फिर मुझे क्यों नहीं? एसकेएमयू से आये डॉ०मोनीदीपा दास ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन,2018 को यथावत रखते हुए पहले हमसबों की सेवा को रेगुलराइज करें।
आज के ध्यानाकर्षण हेतु धरना प्रदर्शन में विभिन्न विश्वविद्यालयों से आये सैकड़ों घंटी आधारित अनुबंध शिक्षक उपस्थित रहे।





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