रांची:समाजसेवा कोई एक-दो दिन तक की जानेवाली गतिविधि नहीं है, बल्कि यह स्वेच्छा पूर्वक सतत किया जानेवाला प्रयास है। आपकी सेवा भावना ही लोगों के हृदय में आपकी विशिष्ट पहचान बनाती है। यह बात श्री अग्रसेन स्कूल, भुरकुंडा के निदेशक प्रवीण राजगढ़िया ने कही। श्री राजगढ़िया लालपुर स्थित मणि त्रिविधा शंकर एजुकेशनल चेरिटेबल ट्रस्ट के दूसरे वर्षगांठ के उपलक्ष्य में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यह ट्रस्ट अपने आप में समाजसेवा के लिये पूरी तरह समर्पित है। समाजसेवा से ही इस ट्रस्ट की पहचान है। उन्होंने बताया कि उन्हें पहला रक्तदान 1982 में करने को मौका मिला था,यह क्रम आज भी जारी है। इससे पूर्व समारोह का उद्घाटन श्री राजगढ़िया, चित्रा सहाय, अमरदीप सिन्हा, जीसी वर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि चित्रा सहाय ने ट्रस्ट के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि हमारा छोटा सा प्रयास भी समाज को बहुत कुछ दे सकता है। हमें सदैव दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहना चाहिए।
संस्था की संस्थापिका निकिता प्रसाद ने संस्था के दो सालों में किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि संस्था रक्तदान, अंगदान, गरीबों के लिए भोजन वितरण, विद्यार्थियों के लिए निशुल्क मेडिकल व इंजीनियरिंग का असाइनमेंट उपलब्ध कराना, गर्म वस्त्र व कंबल वितरण, पौधरोपण, पुस्तक वितरण, खेलकूद आदि का कार्य कर रही है। साथ ही समाज को कई गंभीर विषयों पर जागरूक भी किया जा रहा है। बताया कि आज की परिस्थिति में जब लोग एक-दूसरे से बात करने के आभाव में घुटन महसूस करते हैं, वहां संस्था वैसे लोगों से बात करके उनकी बातों को सुनते हुए उनके मन को हल्का करने की कोशिश करती है।
इस अवसर पर रक्तदान समेत अन्य क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देनेवाले समाजसेवियों को अंग वस्त्र व मोमेंटो भेंटकर सम्मानित किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में राहुल भारती, रंजन, विद्या भूषण का महत्वपूर्ण भूमिका रही।





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