चाईबासा : पूर्व विधायक गुरुचरण नायक के अंगरक्षक की हत्याकांड मामले में चाईबासा पुलिस ने खुलासा करते हुए नौ लोगों को गिरफ्तार किया है. अंगरक्षक की हत्याा करने में शामिल साजिश करने के आरोप में बेला पंचायत के पूर्व मुखिया को भी गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपित में प्रधान कोड़ाह (28), पुसा लुगुन (40), कुजरी केराई (48), श्रीराम तुबीड़ (24), शैलेंद्र बाहान्दा (22), मंगल सिंह लुगुन (20), मंगल सिंह दिग्गी (25), रंगिया लुगुन (20) और सुनिया सुरीन (23) का नाम शामिल है. सभी आरोपी चाईबासा जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं.
पूर्व विधायक के अंगरक्षक की हत्या हथियार गोली लूटने के लिए सुनियोजित तरीके से की गयी थी. इसके लिए 27 दिसम्बर और 2 जनवरी को खुआहातु गांव में बैठक की गयी थी. बैठक में माओवादी सभी सदस्य मौजूद थे. मीटिंग में योजना बनी कि 4 जनवरी को झुलुवा हाईस्कूल मैदान में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक गुरुचरण नायक को लाना है और उनको पुरस्कार वितरण कर के लिए शाम ढलने तक रोक कर रखना है. इसी क्रम में अंगरक्षक हथियार गोली लूट लेना है.
विधायक को रोककर रखने का जिम्मा बेला पंचायत के पूर्व मुखिया कुजरी केराई को सौंपा गया था. प्रधान कोहाड़ और पुसा लुगुन को पुलिस गतिविधि की रेकी करने, प्लान में शामिल सदस्यों को लाने और ठहराने की जिम्मेदारी दी गई थी. घटना के दिन सभी सदस्य एवं सहयोगी आए थे. सभी सदस्यों को घटनास्थल के चारों तरफ तैनात किया गया था. माओवादी के पास तीन बार चाकू एवं अन्य के पास मिर्च पाउडर था.
प्रोग्राम समाप्ति के बाद योजना के अनुसार तीनों अंग रक्षकों के चेहरे पर मिर्च पाउडर पर हमला कर दिया गया. इसके बावजूद जवानों ने मोर्चा संभाला लेकिन 2 अंगों पर चाकू से वार कर हत्या कर दी गई. पुलिस आरोपी के पास से 3 देशी कारबाइन, 42 राउंड गोली, नक्सली बैनर एक मोटरसाइकिल सहित कई समान बरामद किया. इन माओवादी ने ही अमराई जंगल में मुंशी बेहराम लुगुन की हत्या कर दी थी. और जेसीबी में आग लगा दी थी. इससे पूर्व प्रेम सिंह सुरीन की भी हत्या की गयी थी.
दो जवान हुए थे शहीद
4 जनवरी को स्कूल के स्थापना दिवस कार्यक्रम में भाग लेने गये मनोहरपुर के पूर्व भाजपा विधायक गुरुचरण नायक पर हार्डकोर नक्सली मोछू नक्सली दस्ते ने हमला कर दिया. पूर्व विधायक पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के झीलरुवां गांव स्थित प्रोजेक्ट विद्यालय के कार्यक्रम में भाग लेने गये थे. विधायक ने घटना के दौरान भीड़ का सहारा लेकर अपनी जान बचायी. फिर वहां से भागकर सोनुवा थाना पहुंचे. वहीं, उनके दो अंगरक्षकों की नक्सलियों ने गला रेतकर हत्या कर दी, जबकि तीसरे अंगरक्षक ने अपना एके-47 फेंकने के बाद भागकर जान बचायी. उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. विधायक के दोनों अंगरक्षकों जवान शंकर नायक और जवान ठाकुर हेम्ब्रम की नक्सलियों ने पटकने के बाद गला रेतकर हत्या कर दी.





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