रांची : श्री शांति कुंज शिव मंदिर नारो से कलश यात्रा आरंभ होकर स्वर्णरेखा उद्गम स्थल रानी चुंऑं पहुंची। प्रखंड के नारो गांव कृषि कार्य में अपना नाम तो प्रसिद्ध ही रहा है। साथ ही साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भी इस गांव ने अपनी प्रसिद्ध स्थापित कर रही है। गांव में श्री शांतिकुंज हनुमान मंदिर है। क्षेत्र में एक अलौकिक मंदिर है। इस मंदिर के माध्यम से लोगों में संस्कार की भावना जग रहा है। एक कड़ी को आगे बढ़ाते हुए नारो गांव के लोगों ने श्री शांति कुंज शिव मंदिर का पुनर्निर्माण के लिए बढ़ चढ़कर अपने तन मन धन देकर मंदिर का निर्माण पुनर्निर्माण कराया है।
मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य पुर्ण होने पर पांच दिवसीय कार्यक्रम का प्राण प्रतिष्ठा सहित कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इसी कार्यक्रम के तहत आज श्री शांति कुंज महादेव मंदिर परिसर में क्षेत्र के सैकड़ों नर नारी गणमान्य नागरिक और किसानों की समूह के द्वारा भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
कलश यात्रा का कार्यक्रम सुबह 10:00 बजे से मंदिर परिसर महत्वपूर्ण मंदिर परिसर से होकर जयकार लगाते हुए आंरभ होकर परंपरागत मार्गो से होते हुए स्वर्णरेखा नदी के उद्गम स्थल रानी चुंआ पहुंचेगी। वहां पंडितों के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश में जल भरकर पुणे परंपरागत मार्गो से गगनभेदी जयकारा लगाते हुए मंदिर पहुंचेगी।
जहां प्रथम दिन का पूजा अनुष्ठान का कार्यक्रम शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोग मंदिर के कार्यों और धार्मिक मंदिर के धार्मिक कार्यों के प्रति अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर श्री शांतिकुंज शिव मंदिर आयोजन समिति के सदस्य क्षेत्र के कर्ई नेतागण,समाजसेवी सहित सैकड़ों स्थानीय महिलाओं एवं बच्चों से अधिक से अधिक संख्या में कलश यात्रा में भाग ले रहे हैं।





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