रांची : हरियाणा पुलिस जल्द ही रांची पुलिस के सहयोग से झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय पहुंच कर पूरे मामले की जांच करेगी और असिस्टेंट प्रोफेसर विजय यादव के साथ काम करने वाले सहकर्मियों से भी पूछताछ कर ठगी के बारे में पूरी घटना की जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी। पुलिस को आशंका है कि सेना में बहाली के नाम पर ठगी करने वाली महिला के बारे में असिस्टेंट प्रोफेसर को पूरी जानकारी थी लेकिन इसके बाद भी उसने अपने घर में आरोपी महिला को शरण दे रखा था। पंडरा थाने की पुलिस ने बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर भी ठग गिरोह में शामिल होने का सबूत मिलता है तो उनको भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
थाना में घंटों गिड़गिड़ाने के बाद सीयूजे के असिस्टेंट प्रोफेसर को पीआर बांड पर पुलिस ने थाने से छोड़ा
सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले लोगों को घर में शरण देने वाले सीयूजे के असिस्टेंट प्रोफेसर विजय यादव को थाना में गिड़गिड़ाते हुए और माफी मांगने के बाद पुलिस ने पीआर बांड पर छोड़ दिया है। हालांकि असिस्टेंट प्रोफेसर विजय यादव को थाना से छोड़े जाने से पहले पुलिस ने सख्त लहजे में हिदायत दी है कि अनुसंधान के दौरान जब भी जरूरत पड़े वह रांची और हरियाणा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। असिस्टेंट प्रोफेसर विजय यादव ने पुलिस के समक्ष यह स्वीकार किया है कि जब भी उन्हें हरियाणा पुलिस बुलाएगी, वे निर्धारित समय पर वहां हाजरी लगाएंगे। मालूम हो कि सीयूजे के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर विजय यादव को हरियाणा पुलिस ने पंडरा थाने की पुलिस के सहयोग से मंगलवार की सुबह को पकड़ा था। सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर दर्जनों युवकों से 1.50 करोड़ ठगी करने वाली मधु यादव हरियाणा से भागकर रांची पहुंची थी जिसे सीयूजे के असिस्टेंट प्रोफेसर अपने फ्लैट में छुपा कर रखा था।





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