धनबाद : कतरास कोयलांचल क्षेत्र के एकीकृत मुराइडीह फुलारीटांड़ कोलियरी के बंद पड़ी डेको आउट सोर्सिंग पैच में व्यापक पैमाने पर कोयला का अवैध उत्खनन हो रहा है. रोजाना 4 बजे सुबह से शाम तक इस लंबी-चौड़ी परियोजना में सैकड़ों लोग खनन करते देखे जा सकते है. परियोजना के मुख्य रास्ते और साइलो जानेवाले मार्ग में खटाल के समीप से मोटरसाइकिल और सायकिल कोयला की बोरियां लोड कर आत- जाते देखा जा सकता है. वहीं इस आउटसोर्सिंग पैच में अवैध उत्खनन के दौरान 2 वर्ष में आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. शनिवार को बरोरा और मधुबन थाना की सीमा पर एकीकृत मुराइडीह फुलारीटांड़ कोलियरी के बंद पड़ी डेको आउट सोर्सिंग परिक्षेत्र में अवैध खनन के दौरान मलबा में दब जाने से 20 वर्षीय युवती की मौत हो गई. वह खरखरी की रहनेवाली थी.
बताया जा रहा है कि जरलाही पैच में दर्जनों लोग अवैध खनन कर रहे थे. इस दौरान कोयले का बड़ा चट्टान खिसक कर ऊपर से गिर गया, जिसकी चपेट में एक युवती आ गई. वहीं कई लोग बाल-बाल बच गए. मौजूद लोगों ने युवती को मलबा से बाहर निकाला. स्वजन भी वहां पहुंचे और जख्मी को कतरास के नर्सिंग होम ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते मे ही उसने दम तोड़ दिया. आनन-फानन में उसकी अंत्येष्टि कर दी गई. घटनास्थल पर ना तो बरोरा और ना ही मधुबन थाना की पुलिस पहुंची. दोनों थाना के अधिकारियों ने एक-दूसरे के क्षेत्राधिकार में घटना होने की बात कही. मधुबन थाना प्रभारी सोनू चौधरी ने कहा, परियोजना बरोरा थाना क्षेत्र में पड़ता है.
वहीं बरोरा थाना प्रभारी उपेेन्द्र कुुुमार का कहना था कि हमारे थाना क्षेत्र में ऐसी किसी भी घटना की जानकारी नहीं है. वहीं कानून के भय से युवती के स्वजन चुप्पी साध गए. मौके पर आए लोगों का कहना था कि जलावन के लिए कोयला लाने गई थी. वहीं घटना के बावजूद शनिवार की शाम तक कोयले की कटाई और ढुलाई देखी गई
बता दें कि 30 दिसंबर को इसी आउट सोर्सिंग पैच में अवैध उत्खनन के दौरान मलबा में दब जाने से बरोरा बस्ती की एक महिला की मौत हो गई थी. इसके पहले मंडल केंदुआडीह बस्ती की एक महिला और एक पुरूष की जान चली गई थी. पिछले वर्ष ही मलबा में दबने एक अन्य महिला की मौत हो गई थी. वहीं डुमरा के एक युवक की भी इस पैच में मौत हुई थी.





Add comment