रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम और फोटो का इस्तेमाल कर लॉकडाउन लगने का अफवाह फैलाने के मामले में गोंदा पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अफवाह से संबंधित जो भी मैसेज या वीडियो जारी हुआ था उसके बारे में वाटसअप ग्रुप के एडमिन से पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि वाटसग्रुप में जो भी मैसेज आता है उसकी जवाबदेही ग्रुप एडमिन की होती है। पुलिस ने कई ग्रुप एडमिन को चिन्हित किया है। पुलिस जल्द ही सभी से पूछताछ करेगी। इसके अलावा साइबर थाना की पुलिस आईपी एड्रेस की मदद से अफवाह फैलाने वाले आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पूरे मामले की मॉनेटरिंग एसएसपी सुरेंद्र झा कर रहे हैं।
आईटी एक्ट के तहत दर्ज हुआ है मामला
झामुमो के रांची जिलाध्यक्ष मुस्ताक आलम के बयान पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने इस मामले में भादवि की धारा 505 ,420,170,124,54,एनडीएमए 2005 और 66 डी आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि अफवाह फैलने के बाद पुलिस पदाधिकारियों के पास भी फोन आने लगे थे। पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाया कि किसी शरारती तत्वों के द्वारा अफवाह फैलाया गया है। इस वजह से इसपर ध्यान न दें। इसके अलावा पुलिस ने लागों से अपील की है कि किसी प्रकार की कोई सूचना मिलने पर वह 100 डायल कर सही जानकारी ले सकते हैं।
मुख्यमंत्री को धमकी देने के मामले में भी पुलिस की जांच हुई तेज
मुख्यमंत्री को ईमेल के माध्यम से जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस मामले में गोंदा थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इस मामले में पुलिस को कुछ अहम सुराग मिेले हैं। पुलिस आरेपियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है।





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