रांची : झारखंड की एटीएस टीम ने बिहार एसटीएफ टीम की मदद से माओवादी और विभिन्न आपराधिक संगठनों को हथियार तथा जिंदा कारतूस सप्लाई करने वाले तीन सप्लायर्स को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम अविनाश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा, ऋषि कुमार और पंकज कुमार सिंह है। तीनों गिरफ्तार आरोपी बिहार के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार तीनों आरोपी ने माओवादी और विभिन्न आपराधिक संगठनों को काफी संख्या में एक 47 और इंसास राइफल की जिंदा कारतूस उपलब्ध कराया है। आपराधिक संगठनों में अमन साहू गिरोह भी शामिल है। इन अपराधियों की निशानदेही पर 5.56 का कुल अबतक 450 जिंदा कारतूस बरामद की गई है। यह कारतूस इंसास राइफल में प्रयोग किया जाता है।
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार तीनों आरोपी ने बताया कि पुलिस को पता ना चले इसलिए सोशल मीडिया पर बातचीत करते थे। गिरफ्तार आरोपी व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर हथियार की सप्लाई को लेकर बातचीत करता था। फिलहाल पुलिस इसके निशानदेही पर और भी कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
गिरफ्तार अभियुक्त अविनाश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा सीआरपीएफ की 182 बटालियन में आरक्षी के रूप में पुलवामा में तैनात था। जो पिछले 4 महीने से ड्यूटी से गायब था। वह 24 अगस्त 2011 को मोकामा ग्रुप सेंटर सीआरपीएफ में बहाल हुआ था। अविनाश कुमार उर्फ सोनू शर्मा वर्ष 2017 से पुलवामा में पदस्थापित था। अविनाश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा राँची के अपराधी अमन साव, बिहार के अपराधी हरेंद्र यादव और झारखंड के चतरा जिले के अपराधी लल्लू खान के संपर्क में था।
आपको बता दें कि हरेंद्र यादव और लल्लू खान वर्तमान में शेर घाटी तथा गया जेल में बंद है।गिरफ्तार अभियुक्त ऋषि कुमार रांची में ट्रांसपोर्टेशन और कंस्ट्रक्शन का कार्य करता था। इसी दौरान वह ठेकेदार संजय सिंह एवं मुहाहिर के संपर्क में आया जो चाईबासा- सरायकेला क्षेत्र में सड़क निर्माण का कार्य कर रहे थे। ठेकेदार संजय सिंह और मुहाहिर को माओवादियों द्वारा गोली उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। गिरफ्तार पंकज कुमार सिंह धनबाद में रहकर कोयला और जमीन का कारोबार कर रहा था। ठेकेदार संजय सिंह झारखंड एवं बिहार के अलावा असम और नागालैंड के हथियार एवं कारतूस के कारोबारियों के संपर्क में था।
झारखंड की एटीएस टीम इस मामले में फरार चल रहे हैं कई आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। एटीएस एसपी प्रशांत आनंद ने इस मामले की जानकारी दी है। प्रशांत आनंद ने कहा कि ठेकेदार संजय सिंह और मुहाहिर की गिरफ्तारी के लिए टीम अलग-अलग ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। प्रशांत आनंद ने कहा कि उग्रवादी संगठन तथा अपराधिक गिरोह को हथियार तथा कारतूस उपलब्ध कराने वाले गिरहों के विरुद्ध सघन कार्रवाई करने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। इस टीम का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक आशुतोष कुमार सत्यम कर रहे हैं।





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