रांची : सीडब्ल्यूसी के देखरेख में संचालित हेहल के बाल आश्रय गृह में 12 वर्षीय बच्चे के साथ सुरक्षा गार्ड ने आठ अक्टूबर को अप्राकृतिक यौन शोषण किया था। करीब एक माह से गार्ड बच्चे के साथ यौनाचार करता था। इस मामले में शंभू प्रसाद लोहरा के खिलाफ पंडरा ओपी में अप्राकृतिक यौनाचार की प्राथमिकी दर्ज करायी थी। प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस ने आरोपित गार्ड को गिरफ्तार कर लिया था।
आज उपायुक्त छवि रंजन ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए बालाश्रय से सभी बच्चे को दूसरे जगह शिफ्ट करने का आदेश दिया और सील करने का आदेश दिया है। उपायुक्त छवि रंजन ने कहा कि बच्चों के साथ किसी भी हाल में अप्राकृतिक यौनाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन कड़े से कड़ा कदम उठा सकती है।
आपको बता दें कि बाल आश्रय गृह में दो गार्ड के पद थे जबकि एक ही गार्ड कार्यरत था। आरोपित के भरोसे ही दिन और रात की सुरक्षा व्यवस्था थी।बाल आश्रय गृह में ऐसे बच्चों को रखा जाता है जिसकाे आश्रय और सहारा की जरूरत होती है। कोई अपना देखभाल करने वाला नहीं होता है। आश्रय गृह में ही बच्चे वात्सल्य खोजते हैं।
वहां के पुरुष कर्मी को चाचा, दादा तो महिला कर्मी में अपनी मां, चाची की मूरत देखती है। लेकिन इस बच्चे को प्रशासन की लापरवाही का जरा भी अंदाज नहीं था। जहां उसे सहारा मिलता वहीं उसके साथ जुल्म होते रहा। एक-दो दिन नहीं बल्कि एक माह से उसके साथ जुल्म हाेते रहे लेकिन देखरेख को जिम्मेदार संस्था सीडब्ल्यूसी और जिला बाल संरक्षण पदाधकारी को भनक तक नहीं लगती थी।





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