रांची : झारखंड में झामुमो-कांग्रेस महागठबंधन की हेमंत सोरेन सरकार गिराने की साजिश संलिप्त मुख्य तीनों आरोपी अभिषेक कुमार दुबे,अमित सिंह और निवारण प्रसाद के पास से बरामद मोबाइल और अन्य डिवाइसों की फोरेंसिक जांच कोलकाता और अहमदाबाद के लैब में की जायेगी। रांची सिविल कोर्ट ने रांची पुलिस को इसकी अनुमति दे दी है। मालूम हो कि ये तीनों आरोपी अभी भी रांची पुलिस के गिरफ्त में है।
इसके बावजूद भी रांची पुलिस अभी तक मामले के तह तक नहीं जा पाई है। ऐसे में रांची पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल और अन्य डिवाइस की फोरेंसिक जांच की अनुमति रांची सिविल कोर्ट से मांगी थी। अभी तक के पुलिस जाँच में प्रदेश के 3 विधायक, 2 पत्रकार और एक दलाल के इस साजिश में शामिल होने की जानकारी आरोपियों ने दी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में तीनों विधायकों से रुपए के लेनदेन की बात हुई थी। वहीं, इस डील में महाराष्ट्र के दो नेता चंद्रशेखर राव बावनकुले और चरण सिंह शामिल थे। गिरफ्तार हुए अभिषेक, अमित और निवारण महतो ने दोनों को महाराष्ट्र का बीजेपी विधायक बताया था, लेकिन वहां के विधायकों की लिस्ट में इनका नाम नहीं है।





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